नूंह। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिले के 50 गांवों में 296122 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 85 गांवों तक कर दिया गया है। अब तक 16086 घरों में स्वास्थ्य जांच का कार्य पूरा हो चुका है। इस दौरान 248 लोग बीमार मिले। इन लोगों की रैपिड जांच हेड क्वार्टर भेज दी गई है। इनमें से 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनको होम आइसोलेट कर दिया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद की अगुवाई में 170 टीमें जिले में बनाई गई हैं। इनमें से 85 फील्ड और 85 हेड क्वाटर की टीमें हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड की टीमें घर-घर पर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेंगी। इस दौरान यदि किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उनको हेड क्वार्टर टीम के पास भेजा जाएगा। फील्ड की टीम में एक आशा वर्कर, एख आंगनबाड़ी वर्कर, एक पंच या सरपंच और एक बीएलओ तैनाती की गई है, जिससे प्रत्येक घर को चिन्हित कर स्क्रीनिंग की जा सके। वहीं, हेड क्वार्टर टीम में एक एमपीएचडब्ल्यू, एक एएनएम और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर है। इनका काम फील्ड की टीमों द्वारा चिन्हित लोगों का हेल्थ चेकअप करना होगा। जरूरत पड़ने पर गांव में ही सीमित लोगों का रैपिड टेस्ट किट से कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए थे कि सभी गांवों में प्रत्येक घर के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की जाए। इसके तहत ही जिला प्रशासन ने टीमें बनाकर गांवों में भेजी हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद ने बताया कि टीमें हर गांव के प्रत्येक घर के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। इससे गांवों में फैल रहे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।