रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत महाविद्यालय में आरटीआई ने सरकारी विभागों में प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद की है विषय पर राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। प्रतिभागियों ने विषय पर विचार रखते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
समर्थक पक्ष ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला प्रभावी कानून बताया। विपक्ष ने इसके दुरुपयोग एवं प्रशासनिक जटिलताओं पर चिंता जताई। प्रतियोगिता में एमए प्रथम वर्ष के हर्षित खेड़ा ने प्रथम, बीए तृतीय सेमेस्टर की रश्मि ने द्वितीय और बीए प्रथम सेमेस्टर की नेहा जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महिराज मेहरा ने किया। निर्णायक डॉ. दीपा पांडे, डॉ. बृजेश कुमार जोशी और डॉ. सत्यामित्र सिंह रहे। प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल को निखारती है। कार्यक्रम में डॉ. बीबी भट्ट, डॉ. नीमा बोरा मौजूद रहीं।