माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पहले गुप्त नवरात्री की शुरुआत होती है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में भी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। ज्योतिष महर्षि पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार गुप्त नवरात्रि में नौ दिन के लिए कलश स्थापना की जा सकती है। यदि कलश की स्थापना की है तो सुबह-शाम मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करें। दोनों ही समय आरती करना भी अच्छा होगा। मां को दोनों समय भोग भी लगाएं।
सबसे सरल और उत्तम भोग है लौंग और बताशा। मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है, हालांकि इस दौरान मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल न चढ़ाएं। पूरे नौ दिन अपना खान-पान और आहार सात्विक रखें।
गुप्त नवरात्रि के शुभ योग मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि रविवार, 22 जनवरी 2023
| प्रतिपदा तिथि प्रारंभ |
जनवरी 22, 2023 को सुबह 02 बजकर 22 मिनट से |
| प्रतिपदा तिथि समाप्त |
जनवरी 22, 2023 को रात 10 बजकर 27 मिनट तक |
| घटस्थापना मुहूर्त |
सुबह 09 बजकर 59 मिनट से लेकर 10 बजकर 46 मिनट तक |
| घटस्थापना अभिजित मुहूर्त |
दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर 12 बजकर 54 मिनट तक |