जीएसटी विभाग ने कॉस्मेटिक फर्म पर 21 लाख का लगाया जुर्माना
विभागीय राजकोष में जमा कराई गई राशि
माई सिटी रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करने वाली एक कॉस्मेटिक फर्म पर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने फर्म पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि विभागीय राजकोष में जमा करा ली गई है।
नोएडा जोन की विशेष अनुसंधान शाखा के अपर आयुक्त ग्रेड-2 विवेक आर्य ने बताया कि संभाग-बी की टीम ने फर्म की गतिविधियों पर तीन दिन तक निगरानी रखी। इस दौरान जीएसटी पोर्टल के डाटा विश्लेषण और रेकी में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा साइट-5 स्थित इस कंपनी ने अस्तित्वहीन फर्मों से लगभग 3.11 करोड़ रुपये की खरीदारी दिखाई थी। इसके आधार पर फर्म ने 56.5 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जी दावा किया।
आरोप है कि व्यापारी ने इस फर्जी आईटीसी का उपयोग कर अपनी वास्तविक नकद करदेयता से बचने की कोशिश की। वहीं विभागीय टीम ने जब भौतिक सत्यापन किया तो 1.17 करोड़ रुपये का माल स्टॉक में कम पाया गया। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि इस माल की अवैध बिक्री की गई थी और इस पर जीएसटी कर जमा नहीं कराया गया। जांच में धांधली साबित होने के बाद राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त संजय कुमार कुशवाहा, उपायुक्त रमेश कुमार सिंह, सहायक आयुक्त दिव्यांश आनंद और राज्य कर अधिकारी तरुण राय ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए फर्म पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। विभाग की टीम ने पिछले दिनों नोएडा सेक्टर-62 और सेक्टर-64 स्थित दो अलग-अलग फर्मों पर कर चोरी के मामलों में कार्रवाई की थी। विभाग ने दोनों फर्मों पर कुल 2.64 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। जिसे मौके पर ही राजकोष में जमा कराया गया।