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Noida News: जीबीयू में 5 करोड़ से अधिक के घोटाले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज

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(अदालत से)
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- कोर्ट ने कहा आर्थिक अपराध गंभीर, जांच में सामने आई बड़ी साजिश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में 5 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितता मामले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और प्रथम दृष्टया आरोपियों की भूमिका सह-आरोपियों के समान दिखाई देती है। ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।
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यह मामला थाना इकोटेक-1 थाना में दर्ज है। आरोपियों में शिलेंद्र कुमार शर्मा, विजय प्रताप सिंह, मुकेश कुमार पांडेय और शिव कुमार खत्री शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में वर्ष 2024-25 के दौरान फीस जमा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाला सामने आया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कराए गए आंतरिक मिलान के दौरान पता चला कि छात्रों से वसूली गई करोड़ों रुपये की फीस यूनिवर्सिटी के सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में तो दर्ज थी, लेकिन वह रकम बैंक खातों में जमा नहीं हुई। जांच में लगभग पांच करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के गबन की आशंका जताई गई है। यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, नीरज कुमार समेत कई कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों ने आपसी साजिश के तहत फर्जी यूपीआई ट्रांजैक्शन आईडी और रसीदें तैयार कीं थी। जांच समिति द्वारा सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने के बावजूद फुटेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे सबूतों से छेड़छाड़ और तथ्यों को छिपाने की आशंका भी जताई गई। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपियों ने न तो फीस लेनदेन में कोई धोखाधड़ी की और न ही धन के गबन में उनकी भूमिका है। अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद जमानत खारिज कर दी।
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