फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: 9 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में खारिज की अपील

विज्ञापन
विज्ञापन
(अदालत से)
विज्ञापन

-सत्र अदालत ने कहा- वैध ऋण के भुगतान के लिए जारी किया गया था चेक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नौ लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में दोषसिद्ध ठहराए गए व्यवसायी विशाल मलिक को जिला एवं सत्र न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने विशेष न्यायालय द्वारा पारित दोषसिद्धि को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि अपीलकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि विवादित चेक केवल सुरक्षा (सिक्योरिटी) के तौर पर दिया गया था और उसके खिलाफ वैध देनदारी शेष नहीं थी।
विज्ञापन

मामले के अनुसार आरके वर्मा ने विशाल मलिक के खिलाफ परिवाद दायर किया था। आरोप है कि वर्ष 2015 में विशाल मलिक को विभिन्न तिथियों पर कुल 14 लाख रुपये का ऋण दिया था। ऋण राशि लौटाने के लिए विशाल मलिक ने 7 दिसंबर 2020 को नौ लाख रुपये का चेक जारी किया था। जब यह चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया तो 27 दिसंबर 2020 को खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसके चलते न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। विशेष न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद 5 दिसंबर 2025 को विशाल मलिक को दोषी ठहराया था। अपील में विशाल मलिक की ओर से तर्क दिया गया कि उसने परिवादी से लिया गया ऋण पहले ही चुका दिया था। वहीं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि अपील में उठाए गए सभी आधार निराधार पाए गए।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें