जिला उपभोक्ता आयोग
टूर पैकेज की सुविधाएं न देने पर कंपनी को पैसा लौटाने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
टूर पैकेज के समझौते के तहत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने और सदस्यता समाप्त करने के बाद भी रकम वापस नहीं करना फ्यूचर चॉइस हॉस्पिलिटी इंडिया लिमिटेड को भारी पडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को सदस्यता शुल्क के रूप में लिए गए 55 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर लौटाने का आदेश दिया है।
हरियाणा के सोहना रोड, गुरुग्राम निवासी डॉ. कर्नल महेंद्र नारायण मिश्रा और डॉ. कर्नल गोपी रानी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। फ्यूचर चॉइस हॉस्पिलिटी इंडिया लिमिटेड विभिन्न होटलों और रिजॉर्ट में टूर पैकेज बुक कराने का काम करती है। अप्रैल 2024 में कंपनी की ओर से उन्हें मुफ्त सुविधाओं का लाभ लेने के लिए उपहार वाउचर दिए थे। अवकाश यात्रा के प्रस्ताव से प्रभावित होकर उन्होंने 43 हजार रुपये जमा कर दिए और अवकाश यात्रा खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह सदस्यता 10 साल के लिए थी। समझौते में प्रावधान था कि हस्ताक्षर करने के सात दिन के भीतर सदस्यता समाप्त करने पर पूरी रकम बिना ब्याज और कटौती के वापस कर दी जाएगी। समझौते को पढ़ने के बाद शिकायतकर्ताओं ने सदस्यता समाप्त करने और जमा रकम वापस करने की मांग की। आरोप है कि कंपनी ने रकम वापस करने के बजाय सदस्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने सदस्यता समाप्त करने के लिए कई बार ई-मेल किए, लेकिन कंपनी की ओर से उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया। शिकायतकर्ताओं को उपहार वाउचर भी दिए गए। वे जिस सेंटर पर गए, वहां वेलनेस थेरेपी सेंटर मिला। आरोप है कि वांछित थेरेपी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कंपनी से पूरी रकम वापस करने का अनुरोध किया, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अपना पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई की। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना। ब्याज समेत पूरा पैसा लौटाने का आदेश दिया है।