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Noida News: कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला ओसी, आठ साल से रजिस्ट्री का इंतजार

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- जनसुनवाई पोर्टल पर एक शिकायत को यह कहकर बंद करने का आरोप कि मामला ग्रेनो प्राधिकरण का नहीं है
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फोटो

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित व्हाइट ऑर्किड सोसायटी के फ्लैट खरीदारों को आठ साल बाद भी मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ओसी प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पाया है। एओए का आरोप है कि कोर्ट ने एमओयू अनिवार्य किया गया था, उसके बावजूद प्राधिकरण कार्रवाई करने में फेल साबित हो रहा है। उनका कहना है कि बिल्डर प्राधिकरण को बकाया राशि का 75% (लगभग 1.47 करोड़) अब तक जमा करने में विफल रहा। टावर-2 का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट व रजिस्ट्री प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकेगा।

एओए सचिव ऐश्वर्य प्रकाश पांडेय ने बताया कि सोसाइटी में चार टॉवर में करीब 467 से अधिक परिवार रहते हैं। तीन टॉवरों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक मिल गया था। 2018 से टॉवर दो में रहने वाले निवासी 2018 से रजिस्ट्री होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। निवासियों की रजिस्ट्री नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने बिल्डर को सभी लंबित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है। बिल्डर को डीजी, अग्नि सुरक्षा, एसटीपी, सिविल कार्य के साथ सभी लंबित कार्यों को चार माह की अवधि के अंदर करने का आदेश दिया था। उसके बाद भी कोई कदम नहीं आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा निर्देशित समझौते के स्पष्ट उल्लंघन के बावजूद प्राधिकरण कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। आरोप है कि जनसुनवाई पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज की थी, जिसे यह कहकर बंद कर दिया गया कि मामला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संबंधित नहीं है।
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एओए ने प्राधिकरण से की मांग : एओए ने प्राधिकरण से बिल्डर और उसके निदेशकों से बकाया राशि वसूलने के लिए वैधानिक शक्तियों का उपयोग करने की मांग की है। रजिस्ट्री को डी-लिंक करें एवं टावर-2 की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुगम बनाएं ताकि फ्लैट मालिकों को बिल्डर की वित्तीय चूक का खामियाजा न भुगतना पड़े। कोर्ट द्वारा स्वीकृत एमओयू का उल्लंघन करने और निवासियों को मानसिक और वित्तीय प्रताड़ना देने के लिए डेवलपर पर भारी जुर्माना लगाया जाए। रखरखाव सुरक्षा के लगभग 1.5 करोड़ बिल्डर से एओए को दिलवाया जाए।
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