नोट- ऑनलाइन न चलाई जाए
- ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो को लाने के लिए दिन रात बैठकों को दौैर शुरु
- नेफोवा की कोर टीम पर्दे के पीछे रहकर तैयार कर रही रणनीति
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो लाने के लिए हर सोसाइटियों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। नेफोवा संस्था की कोर टीम पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार कर रही है। टीम के सदस्य सोसाइटियों में प्रतिदिन दो से तीन घंटे बिता रहे हैं। वह निवासियों को मेट्रो के आने के फायदे गिना रहे हैं जिससे निवासी उनके साथ मेट्रो अभियान में जुड़ सके। निवासियों के घर- घर जाकर मेट्रो के लिए साथ देने की बात कही जा रही है। निवासियों को 10 साल के संघर्ष को आवाज देने का काम किया जा रहा है।
संस्था के सदस्य दिनकर पांडेय, नीलम यादव और शिप्रा गुप्ता ने बताया कि करीब 10 लाख लोग रह रहे हैं और रोज हजारों लोग दिल्ली- नोएडा में नौकरी के लिए आवागमन करते हैं। इसके बावजूद मजबूत और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब तक स्थापित नहीं हो सकी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से हाइराइज सोसाइटी बसी, लेकिन इस बीच लोग निजी वाहन और टेंपो व ई रिक्शा के सहारे रोजाना सफर करने को मजबूर हैं। इसका असर ट्रैफिक, प्रदूषण और समय की बर्बादी के रूप में सामने आ रहा है। सैकड़ों लोग रोजाना 2 से 3 घंटे सिर्फ आने-जाने में बर्बाद कर देते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मेट्रो का मुद्दा हर चुनाव में प्रमुख एजेंडा बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति या काम आज तक देखने को नहीं मिला।
मेट्रो अब लाकर रहेंगे। इसके लिए काफी मेहनत की है। मेट्रो के बिना काम नहीं चल रहा है।
- अमन कुमार,निवासी
मेट्रो नहीं होने से प्रदूषण की समस्या वेस्ट में बढ़ गई है। हर साल सांस लेने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- संजय झा,निवासी
जाम के कारण कई घंटे लोग देरी से घर पहुंच रहे हैं, मेट्रो के आने के बाद परेशानी कम हो जाएगी।
- दिव्यांशु अवस्थी,निवासी
हर सोसाइटी को जोड़कर इस अभियान को अब तक का सबसे बड़ा अभियान बनाया जा रहा है। - कृष्णा राठौड़,निवासी