अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारी गांवों की दौड़ लगा रहे हैं। बुधवार को नोडल अफसर नरेंद्र भूषण ने सैनी व तिलपता का दौरा किया। कोरोना किट नहीं मिलने पर सीएमओ को फटकार भी लगाई। जनपद के कोविड प्रभारी नरेंद्र भूषण बुधवार दोपहर सैनी और तिलपता पहुंचे।
यहां मरीजों के घर जाकर परिजनों से बात की। लोगों ने बताया कि उन्हें कोविड किट नहीं मिली है। इस पर उन्होंने सीएमओ को किट मुहैया कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत सारी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी गांवों में निगरानी समिति बनाने के भी आदेश दिए हैं।
उनके साथ जीएम परियोजना एके अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक श्योदान सिंह, आरए गौतम, स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी बिसरख प्रभारी डॉ. सचिंद्र मिश्रा मौजूद रहे। कोविड प्रभारी ने ग्राम तिलपता एवं ग्राम सैनी में दी जाने वाली सहायता, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस, ट्रैकिंग, चिकित्सा, दवा आदि को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
कोविड प्रभारी दोनों गांवों में 3 ऐसे घरों में गए, जहां पर कोविड मरीज थे। मरीजों व उनके परिवार वालों से हालचाल जाना और होम आइसोलेशन में मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा की। ग्राम तिलपता में एक मरीज के परिवार ने बताया कि उनको कोविड किट नहीं मिल रही है। उन्होंने सीएमओ से तत्काल किट मुहैया कराने को कहा।
जेवर में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बुधवार को विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ जेवर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। यहां 100 बेड का कोविड अस्पताल तैयार किया जा रहा है। इसमें कई संस्थाएं और कंपनियां मदद कर रही हैं। विधायक ने जिलाधिकारी से दवा और अन्य सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
नगर पंचायत, यमुना प्राधिकरण और जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर अस्पताल बना रहा है। अस्पताल बनाने के लिए विधायक ने अपनी निधि से 50 लाख रुपये दिए हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने ऑक्सीजन वितरण केंद्र और वैक्सीनेशन सेंटर का भी दौरा किया।