उत्तराखंड की प्राकृतिक वादियों से निकलकर उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थापित एक स्टार्टअप ‘वैदिक तत्वा’ इन दिनों चर्चा में है। यह स्टार्टअप शुद्ध और ऑर्गेनिक उत्पादों जैसे घी, तेल और शहद का उत्पादन कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इंडिया एक्सपो सेंटर एण्ड मार्ट में चल रहे इंटरनेशनल ट्रेड शो के हाल नं. 12 का अवलोकन किया।
हाल में एक स्टाल 21/17 पर लगे स्टार्टअप वैदिक तत्वा को उन्होंने खूब सराहा। वैदिक तत्वा की फाउंडर लहर गुप्ता ने कृषि मंत्री को बताया कि उनके सभी उत्पाद प्राकृतिक और पारंपरिक तरीकों से तैयार किए जाते हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक प्रकृति का असली स्वाद और पोषण पहुँच सके। जो लोग शुद्ध और ऑर्गेनिक उत्पादों का असली स्वाद चखना चाहते हैं, उनके लिए यह सभी उत्पाद बहुत उपयोगी हैं।
लहर गुप्ता ने बताया कि उनका उद्देश्य पहाड़ों के जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त उपज को बिना किसी मिलावट के लोगों तक पहुँचाना है। साथ ही, यह पहल स्थानीय किसानों और विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को यह भी बताया कि आज के मिलावटी उत्पादों के दौर में ये जरूरी है कि उपभोक्ताओं को ये पता होना चाहिए कि उत्पाद का स्रोत क्या है इसके लिए “वैदिक तत्त्व” ने प्रत्येक उत्पाद लेबल पर उत्पाद के स्रोत को स्कैन करके पता लगाया जा सकता है। अवलोकन के दौरान कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता भी साथ रहे।
चौथे दिन रविवार को 1.35 लाख विजिटर्स पहुंचे इंडिया एक्सपो मार्ट
ट्रेड शो के चौथा दिन कुल 1,34,938 दर्शक पहुंचे, जिनमें 36,307 बी2बी और 98,631 बी2सी विज़िटर्स शामिल रहे। इस तरह पहले चार दिनों में अब तक 4,00,467 लोग मेले का हिस्सा बन चुके हैं। दिनभर चले सेमिनार, पैनल डिस्कशन, पुरस्कार समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस मंच को नवाचार और परंपरा का संगम बना दिया।
महिला उद्यमियों ने बताई अपनी सफलता की कहानी
इस बार महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान मिली है। कानपुर की एंटरप्रेन्योर संगीता सिंह ने बताया कि यह इवेंट मेरे लिए बहुत लाभकारी साबित हुआ है। मैं लगातार तीसरे वर्ष इसमें पार्टिसिपेट कर रही हूं। हर बार की तरह इस बार भी मुझे फॉरेन बॉयर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। दिल्ली एनसीआर की श्रुति चंडक ने भी यूपीआईटीएस में फॉरेन बायर्स के साथ बड़ी डील साइन करते हुए एमओयू किया। कॉरिस क्वीन प्रा.लि. की रबलीन कौर ने बताया कि इस आयोजन का हिस्सा बनकर वो बहुत खुश हैं। यूपीआईटीएस में सम्मिलित होने का यह उनका पहला मौका है और उन्हें यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।
युवा उद्यमियों की सफलता ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
ट्रेड शो में इस बार युवा उद्यमियों की उपस्थिति और उनकी कामयाबी ने सबका ध्यान खींचा है। 20 से 30 वर्ष की उम्र के इन नए उद्यमियों ने न सिर्फ अपने आइडियाज को बिजनेस में बदला, बल्कि वैश्विक मंच पर यूपी का डंका भी बजाया। 23 साल के युवा उद्यमी यश गुप्ता बताते हैं कि उनकी कंपनी का नाम इंडियाना इंजीनियरिंग प्रा. लि. है। मेरे पिता ने यह कंपनी शुरू की थी। तब वह बहुत सारे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाते थे। अभी हमने हाल ही में इसे प्रा. लि. कंपनी बनाया है और अब हम अपने प्रोडक्ट्स को पड़ोसी देशों में एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं। फैमिली बैकग्राउंड के कारण ही मुझे बिजनेस में उतरने की प्रेरणा मिली। हम पहली बार यूपीआईटीएस में हिस्सा ले रहे हैं और अभी तक बहुत शानदार रिस्पॉन्स मिला है। लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले 28 साल के नीलेश अग्रवाल ने जूक्ड नाम से एक स्टार्ट अप की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि 2022 में हमने ग्लास बॉटल्स और अन्य बिजनेस की शुरुआत की। शुरुआत में हमें बिजनेस ऑर्डर्स को मैनेज करना बहुत मुश्किल होता था। इसको देखते हुए हमने वेबसाइट टूल्स डेवलप किया। अपने बिजनेस और मार्केट को आटोमेट करने के लिए हमने जूक्ड को लांच किया।
फायर डिपार्टमेंट का हाई-टेक स्टॉल बना आकर्षण
लोगों की नज़र सबसे ज्यादा जिस स्टॉल पर ठहर रही है, वह है फायर डिपार्टमेंट का हाई-टेक स्टॉल। यहां प्रदर्शित अत्याधुनिक उपकरण और दमकल वाहनों ने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि आधुनिक तकनीक और तैयारी से आपदा प्रबंधन और अग्निशमन सेवाओं में नई क्रांति आ चुकी है। फायर डिपार्टमेंट ने अपने स्टॉल पर कई अत्याधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए। इन उपकरणों ने प्रदर्शनी देखने आए दर्शकों, छात्रों और उद्यमियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की झलक दिखलाई।
ट्रेड में सजी परंपरागत व्यंजनों से फूड स्ट्रीट, हर जिले की खासियत एक ही जगह
ट्रेड शो का सबसे आकर्षक पहलू इस बार का फूड कोर्ट है। यहां लगे ‘यूपी का स्वाद’ स्टॉल्स पर प्रदेश के हर कोने से लाए गए परंपरागत व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। खाने-पीने के इन जायकों ने न सिर्फ आगंतुकों का मन मोह लिया है बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी देश-दुनिया के सामने जीवंत कर दिया है। फूड कोर्ट में आए आगंतुकों का कहना है कि यहां का हर व्यंजन प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का अहसास करा रहा है।