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ग्रेटर नोएडा: वार्ड में भर्ती मरीज गायब, अस्पताल ने पुलिस को सूचित कर निभा दी जिम्मेदारी

Fri, 30 Apr 2021 05:03 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका है। जिम्स ने इस मामले से यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि मरीज को 24 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इधर मरीज के परिजन व रेस्टोरेंट संचालक समेत मरीज के साथी भी उसकी तलाश कर रहे हैं।
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मरीज महेश अस्पताल से गायब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) की सुरक्षा व्यवस्था को धता बता कर उत्तराखंड के चंपावत जिले के वनतौली गांव का रहने वाला मरीज महेश सिंह(47) संदिग्ध परिस्थिति में गायब हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही जिम्स के डॉक्टरों के हाथ-पांव फूल गए।

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काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका है। जिम्स ने इस मामले से यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि मरीज को 24 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इधर मरीज के परिजन व रेस्टोरेंट संचालक समेत मरीज के साथी भी उसकी तलाश कर रहे हैं।

वह न तो अस्पताल में है न ही गांव पहुंचा है, इससे रेस्टोरेंट में काम करने वाले सहकर्मी समेत रेस्टोरेंट मालिक व मरीज के परिजन सभी परेशान हैं। मरीज के गायब होने के बाद यहां मौजूद भूतपूर्व सैनिकों के सुरक्षा घेरे को लेकर भी सवाल उठने लगा है।

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मूलरूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के वनतौली गांव के रहने वाले महेश सिंह अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करता था। उसमें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद जिम्स में 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने खून व प्लाज्मा की व्यवस्था करने की बात कही थी।

अगले दिन डॉक्टरों ने उसकी हालत में सुधार बताकर उपचार जारी रखा था। 22 अप्रैल को डॉक्टरों ने कहा कि उसे आइसोलेशन वार्ड से निकाल कर तीसरी मंजिल पर बने वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद 24 व 25 अप्रैल को जब उसके बारे में जानने का प्रयास किया गया तो कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

इसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की फाइल नहीं मिल रही है, इस वजह वह कहां भर्ती है ये बताना मुश्किल हो रहा है, हम तलाश कर आपको सूचित करेंगे। 28 अप्रैल को रेस्टोरेंट संचालक अमित व उसके अन्य साथी मरीज महेश को तलाशने पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने 24 अप्रैल को ही उसे डिस्चार्ज करने की बात कह कर उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया।

आरोप है कि डॉक्टर मरीज के डिस्चार्ज का पूरा पेपर भी नहीं दिखा रहे। इस मामले को लेकर वहां काफी देर तक हंगामा भी हुआ। इसके बाद संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता ने मामले में जानकारी कर सूचित करने का आश्वासन दिया। अभी तक मरीज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। उधर मरीज के परिजन भी रेस्टोरेंट संचालक को उसे तलाशने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने एफआईआर कराने की भी धमकी दी है।

भर्ती मरीज की स्थिति में सुधार हो रहा था। उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां से अचानक वह कहीं गायब हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।- ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता निदेशक जिम्स। 
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