यमुना प्राधिकरण जेपी स्पोर्ट्स सिटी के रद्द आवंटन को तब बहाल करेगा, जब वह 2023 तक पूरा भुगतान का वादा करेगा। करीब 1000 करोड़ रुपये बकाया है। यमुना प्राधिकरण ने इस शर्त के साथ बहाली के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब अगर जेपी समूह इस शर्त को स्वीकार करेगा तो यीडा उसका आवंटन बहाल कर देगा।
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, क्रिकेट स्टेडियम समेत कई अहम रिहायशी प्रोजेक्ट इसी स्पोर्ट्स सिटी का हिस्सा हैं। दरअसल, बकाया भुगतान न करने पर यमुना प्राधिकरण ने बीते साल फरवरी में जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द कर दिया था। जेपी समूह तब से इसकी बहाली के लिए कोशिश कर रहा है।
मामला हाईकोर्ट में भी गया। कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये जमा कराने पर यीडा से बहाली के लिए कहा था। हाल ही में समूह ने 100 करोड़ रुपये जमा करा दिए थे। इसके बाद यमुना प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव ले गया। यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद कुमार ने बताया कि बोर्ड ने कंपनी को 2023 तक पूरा बकाया जमा करने को कहा है।
साथ ही रीशेड्यूलमेंट कराने के लिए 10 प्रतिशत पैसा भी जमा कराना होगा। आवंटन बहाल करने के लिए कंपनी ने आवेदन करके 2030 तक पैसा जमा करने की अनुमति मांगी थी। अगर कंपनी बोर्ड की शर्तों को मान लेती है तो फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 10 हाउसिंग प्रोजेक्ट समेत कई परियोजनाओं से संकट के बादल छंट जाएंगे।
गौरतलब है कि यमुना प्राधिकरण ने 2009 में जेपी समूह की कंपनी जेपी स्पोर्ट्स सिटी को 1000 हेक्टेयर जमीन का आवंटन किया था। इस परियोजना में देश का पहला फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक (बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट) बनाया गया। यहां पर कई अंतरराष्ट्रीय रेस हो चुकी हैं।
यहां पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है। इसी परियोजना में काउंटी होम वन एवं टू, क्रोम, ग्रीन क्रेस्ट होम, स्पोर्ट्स विला, कासिया, बुद्धा सर्किट स्टूडियो आदि हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। अभी ये परियोजनाएं पूरी नहीं हुई हैं। जेपी स्पोर्ट्स कंपनी प्राधिकरण का बकाया चुका नहीं पा रही थी। करीब 950 करोड़ रुपये बकाया होने पर प्राधिकरण ने 12 फरवरी 2020 को इसका आवंटन रद्द कर दिया।
सौ करोड़ जमा कराने पर होगा रीशेड्यूलमेंट
प्राधिकरण का करीब एक हजार करोड़ रुपये बकाया है। बोर्ड के फैसले के मुताबिक, जेपी स्पोर्ट्स को 100 करोड़ रुपये जमा करने रीशेड्यूलमेंट कराना होगा। इसके बाद 2023 तक पूरा बकाया जमा करना होगा। अब प्राधिकरण इस फैसले से जेपी स्पोर्ट्स को अवगत कराएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।