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फर्जीवाड़ा: क्या नोएडा की इस सोसायटी में भी हुआ वैक्सीन स्कैम? लोगों को अब तक नहीं मिले प्रमाण-पत्र

Sun, 27 Jun 2021 10:25 PM IST
कुमार संभव आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नोएडा की जेपी ग्रीन्स सोसायटी में लोगों को अब तक नहीं मिले प्रमाणपत्र। अब दूसरी डोज के लिए भटक रहे यहां के निवासी। सीएमओ से शिकायत की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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नोएडा की जेपी ग्रीन्स सोसायटी में लोगों के साथ वही हुआ, जिसका डर था। विवादों में घिरे पहले टीकाकरण कैंप के बाद यहां के लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग पा रही है, जबकि उसका तय वक्त भी निकल चुका है। इसके अलावा यहां काफी लोगों को पहली डोज के प्रमाण पत्र अब तक नहीं मिले हैं। ऐसे में पीड़ितों ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है। 

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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, जेपी ग्रीन्स सोसायटी में करीब 200 लोगों को 21 मई और 27 मई को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी थी। इन सभी लोगों को अब तक दूसरी डोज नहीं लग पाई है। सोसायटी में रहने वाले सेवानिवृत्त आईएएस सुमंत्र कुमार गुहा ने सीएमओ को इस समस्या के लिए मेल किया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को अब तक दूसरी डोज नहीं लगी है, जबकि जेपी ग्रीन्स में मई के आखिरी सप्ताह के दौरान आयोजित कैंप में उनके बेटे को कोवाक्सीन का टीका लगा था। अब जब दूसरे टीके की बारी आई तो कुछ पता ही नहीं चल रहा है। रिटायर्ड आईएएस गुहा ने बताया कि उनके बेटे को पहली डोज लगने का प्रमाण पत्र अब तक नहीं आया है। ऐसे में वह किसी और कैंप में जाकर दूसरा टीका नहीं लगवा पा रहे हैं। सोसायटी के अन्य लोगों ने भी इस तरह की शिकायत सीएमओ से की और दूसरी डोज लगवाने की व्यवस्था करने के लिए कहा।

कैंप आयोजकों से भी नहीं हो रहा संपर्क

बता दें कि सोसायटी के लोग लगातार टीका कैंप आयोजित करने वालों से संपर्क की कोशिश में हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। सोसायटी के लोगों का कहना है कि टीकाकरण शिविर का आयोजन करने वालों में शामिल एक प्रमुख व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम के बाद विदेश चला गया।

मुंबई की तरह फर्जी कैंप की आशंका

सोसायटी के काफी लोगों के प्रमाण-पत्र नहीं आने से उन्हें मुंबई की तरह फर्जी कैंप का अंदेशा सताने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले का खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही होगा। अधिकारियों का कहना है कि टीका लगने के तुरंत बाद हर व्यक्ति को कोविन पोर्टल से प्रमाण-पत्र मिल जाता है। ऐसे में अगर लोगों को अब तक प्रमाण-पत्र नहीं मिले तो कैंप में लगे टीके फर्जी भी हो सकते हैं।

जांच में सहयोग नहीं करते सोसायटी के लोग

नोएडा के सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि अमर उजाला डॉट कॉम द्वारा इस मामले को उठाने के बाद वह पूरे मामले में जांच कर रहे हैं। उन्होंने सोसायटी के लोगों से दो बार मुलाकात की, लेकिन वे जांच में मदद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को पहली डोज लग चुकी है, वे दूसरी डोज के लिए किसी भी सेंटर पर रजिस्ट्रेशन कराकर या प्रमाण पत्र में लिखी पहली डोज की तारीख दिखाकर टीका लगवा सकते हैं। अगर लोगों के पास पहली डोज के प्रमाण पत्र नहीं आए हैं तो यह चिंता का विषय है। 

लोगों को लगे अलीगढ़ बैच के टीके

गौरतलब है कि नोएडा की जेपी ग्रीन्स सोसायटी में 21 मई और 27 मई को विशेष टीकाकरण अभियान आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 200 लोगों ने पहली खुराक ली। इनमें कुछ लोगों के पास टीका लगवाने के प्रमाण-पत्र आ गए, जिन पर टीका लगाने का स्थान अलीगढ़ दर्ज था। नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एलवाई का कहना है कि इस मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग ने की, जिसमें पता लगा कि लोगों को अलीगढ़ बैच की वैक्सीन लगाई गई। मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। साथ ही, सीएमओ ने बीटा थाने में टीकाकरण कैंप आयोजित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। 
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मुंबई में पकड़ा गया था रैकेट

बता दें कि कुछ दिन पहले मुंबई पुलिस को इसी तरह के फर्जी टीकाकरण कैंप की जानकारी मिली थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जेपी ग्रीन्स सोसायटी के लोगों का कहना है कि इस मामले में नोएडा पुलिस ने यह जानने की जहमत तक नहीं उठाई कि सोसायटी में लगाए गए टीके फर्जी हैं या नहीं। इस मामले में नोएडा पुलिस आयुक्त आलोक सिंह से उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
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