बस अड्डे तक जाने के लिए कोई परिवहन सुविधा नहीं, इसलिए मुसाफिर परी चौक से बस पकड़ते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। कासना गांव के पास स्थित ग्रेटर नोएडा का रोडवेज बस अड्डा यात्रियों के अभाव में सूना पड़ा है। निर्धारित समय पर बसें यहां पहुंचती तो हैं, लेकिन सवारियां नहीं मिलने के कारण अक्सर खाली ही आगे बढ़ जाती हैं। अधिकांश यात्री परी चौक स्थित अंसल मॉल के सामने से बस पकड़ना सुविधाजनक समझते हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने डिपो और बस अड्डे के लिए 26 बीघा भूमि उपलब्ध कराई थी। इनमें से 13,099 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बस अड्डे पर 15 से अधिक बसों के लिए प्लेटफॉर्म, टिकट और पूछताछ काउंटर, विश्राम कक्ष, शौचालय, कैंटीन तथा दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी सुविधाएं हैं।
बस अड्डा आवासीय सेक्टरों और मुख्य बाजारों से करीब पांच किलोमीटर दूर है। सीधी कनेक्टिविटी और स्थानीय परिवहन न होने की वजह से यात्रियों को वहां तक पहुंचना मुश्किल पड़ता है। नतीजतन, बसें पहले बस अड्डे पर औपचारिक रूप से खड़ी होती हैं और सवारियां न मिलने पर चालक उन्हें परी चौक के पास सर्विस रोड पर लगाकर भरते हैं। इसके बाद बसें अपने निर्धारित रूट पर रवाना होती हैं।
परिसर में सीएनजी पंप की सुविधा
बसों को ईंधन भरवाने के लिए परिसर में ही सीएनजी पंप भी लगाया गया है। इससे पहले की तरह नोएडा डिपो नहीं जाना पड़ता। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है।
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बस अड्डे पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है। कई बार बसों को खाली ही रवाना करना पड़ता है। विभाग कनेक्टिविटी सुधारने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
- राजेश वर्मा, एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो