इसी ट्विन टावर को ढहाने के दिए हैं आदेश
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गौतमबुद्ध नगर स्थित ट्विन टावर ढहाने के मामले ने ग्रेनो वेस्ट में सुपरटेक के अन्य प्रोजेक्टों के खरीदारों का सिरदर्द बढ़ा दिया है। करीब 5000 से अधिक खरीदार कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ को जल्द कब्जा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उनके 11 साल के इंतजार को झटका लगा है।
खरीदारों का कहना है कि ट्विन टावर के नुकसान पर बिल्डर उनके प्रोजेक्ट की फंडिंग रोक सकता है। अगले तीन माह बहुत महत्वपूर्ण होंगे। ग्रेनो वेस्ट में बिल्डर के चार प्रोजेक्ट हैं। यहां काफी खरीदारों को अभी तक कब्जा नहीं मिला है।
ध्वस्तीकरण से सता रहा डर
दिल्ली निवासी कोमल का ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज दो प्रोजेक्ट में फ्लैट है। वर्ष 2010 में फ्लैट बुक किया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) भी बिल्डर को मार्च, 2020 में कब्जा देने का आदेश दे चुका है, लेकिन बिल्डर ने उसका पालन नहीं किया। जबकि वे 95 प्रतिशत भुगतान कर चुकी हैं। उनका कहना है कि अगले एक साल में कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। अब और डर सता रहा है। ट्विन टावर के गिरने से उनके प्रोजेक्ट पर भी असर पड़ेगा। बिल्डर नुकसान का हवाला देकर जरूर बहाना बनाएगा। जीवन भर की कमाई से फ्लैट खरीदा था। अब 11 साल का इंतजार और लंबा होने की पूरी संभावना है। ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण से उनके प्रोजेक्ट के पूरा नहीं होने का डर सता रहा है। यूपी रेरा और प्राधिकरण को इस पर ध्यान देना चाहिए।
खरीदारों संग ठेकेदार भी हैं चिंतित
खरीदार अमित सिंह ने बताया कि ट्विन टावर प्रकरण से अन्य प्रोजेक्टों के खरीदार काफी परेशान हैं। इन टावर के ध्वस्त होने से बिल्डर को नुकसान होगा। इसका असर अन्य प्रोजेक्ट की फंडिंग पर पड़ेगा। ठेकेदार को पैसा मिलना बंद हुआ तो निर्माण कार्य भी बंद हो जाएगा। रविवार को 50 से अधिक खरीदारों ने बैठक कर इसी पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि ठेकेदार भी परेशान हैं। उनको भी पैसा नहीं मिलने का डर सता रहा है। काफी खरीदारों को जल्द कब्जा मिलना था, लेकिन अब उनकी भी उम्मीद टूटती नजर आ रही है।