स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां भी बंद, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर होगी सख्ती
नोएडा। शहर में ग्रेप का तीसरा चरण लागू होने के कारण गैरजरूरी निजी और व्यावसायिक निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। ध्वस्तीकरण कार्यों पर भी प्रतिबंध रहेगा। स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां भी बंद रहेंगी। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अनिवार्य सरकारी परियोजनाओं को छूट दी गई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ऋतेश तिवारी ने बताया कि चिह्नित प्रदूषण हॉट स्पॉट पर एंटी-स्मॉग गन लगातार चलवाई जाएंगी। धूल प्रदूषण रोकने के लिए प्राधिकरणों को मशीनीकृत वैक्यूम सफाई बढ़ानी होगी। प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव भी किया जाएगा। ग्रेप-3 के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा। बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाले चार पहिया वाहनों के संचालन पर निगरानी बढ़ेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी चालान और जब्ती की कार्रवाई होगी। गैर-इलेक्ट्रिक, गैर-सीएनजी और गैर-बीएस-6 अंतरराज्यीय बसों के प्रवेश पर भी निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत नियंत्रण रहेगा।
पूर्ण पाबंदी
- गैरजरूरी निजी और व्यावसायिक निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कार्य।
- स्टोन क्रशर का संचालन और सभी प्रकार के खनन कार्य।
- सोसाइटियों में डीजल जनरेटर का संचालन। आपातकालीन स्थिति में छूट रहेगी।
- धूल और धुआं फैलाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
इन्हें रहेगी छूट
- रेलवे, मेट्रो, बस डिपो और हवाई अड्डे से जुड़ी परियोजनाएं।
- राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा कार्य, अस्पताल और चिकित्सा सेवाएं।
- स्वच्छता, जलापूर्ति और सीवरेज जैसी अनिवार्य सार्वजनिक सेवाएं।
कोट
ग्रेप-3 का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए हमारी टीमें रोजाना क्षेत्र में निरीक्षण कर रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर जोर देने के लिए नोएडा प्राधिकरण को पत्र भी लिखा गया है।
ऋतेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नोएडा