- मकान खाली कराने के लिए प्राधिकरण ने चस्पा करवाए नोटिस, रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत नए बनेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भारतीय प्रद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) की जांच में असुरक्षित मिले सरकारी अधिकारियों के आवास और कर्मचारियों के क्वार्टर टूटेंगे। प्राधिकरण ने इन मकानों को खाली कराने का फैसला लिया है। यहां रि-डेवलपमेंट पॉलिसी के तहत नए मकान बनवाए जाएंगे। विकासकर्ता मौजूदा मकान व फ्लैट इसी अनुपात में बनाकर देगा। बाकी की बढ़ी जमीन और फ्लोर एरिया रेशियो पर बनने वाले फ्लैट अलग कर उनको बेच कर अपनी लागत निकालेगा। इसको लेकर बृहस्पतिवार को नोएडा प्राधिकरण में सीईओ के सामने प्रस्तुतिकरण हुआ।
पूरी योजना बनाने के लिए प्राधिकरण आगे कई बैठक करेगा। जिसके बाद विकासकर्ता चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्राधिकरण जारी करेगा।अहम है कि सेक्टर-25, 27, 37 में प्राधिकरण ने सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास व क्वार्टर बनवाए हुए हैं। इनका निर्माण 35 से 40 साल पहले हुआ था। अब यह कमजोर पड़ गए हैं। प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की से इनका परीक्षण करवाया था। जांच में ज्यादातर सैंपल खराब निकले और मजबूती भी नहीं मिली। आईआईटी की तरफ से यह कहा गया कि इन इमारतों में भूकंप जैसी स्थिति में खतरा हो सकता है।
इनमें सेक्टर-27 के 178, सेक्टर-25 के 100, सेक्टर-37 के करीब 128 आवास व क्वार्टर टूटने की जद में शामिल हैं। इसके लिए इमारतें खाली कराई जानी जरूरी हैं। रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत प्राधिकरण को स्टॉफ क्वार्टर बनाने के लिए अपना बजट नहीं खर्च करना होगा। जो आवास घरनुमा बने हुए हैं ये फ्लैट में जरूर तब्दील हो जाएंगे। वहीं कर्मचारियों के क्वार्टर वाले फ्लैटों का क्षेत्रफल भी बड़ा हो जाएगा। प्राधिकरण सेक्टर-19 और 20 के अपने दफ्तर की पुरानी इमारतों को भी खाली करा रहा है। यहां के वर्क सर्कल कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे।
एसीपी, ओएसडी समेत कई अधिकारियों के आवास पर चस्पा हुआ नोटिस
सरकारी आवास व क्वार्टर का आवंटन नोएडा प्राधिकरण का सामान्य प्रशासन विभाग करता है। विभाग की तरफ से इन आवंटियों के घर-घर नोटिस बांटे जा रहे हैं। वहीं देखरेख वर्क सर्कल-2 की तरफ से की जाती है। वर्क सर्कल की तरफ से नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को सेक्टी-27 में एसीपी, ओएसडी, वरिष्ठ प्रबंधक समेत कई अधिकारियों के आवास पर नोटिस चस्पा किए गए।
आईआईटी की जांच में कमजोर मिले स्टॉफ भवन की इमारतें टूटेंगी। इसके लिए इनको खाली करवाया जाएगा। खाली करने के नोटिस भिजवाए जा रहे हैं। आगे इनको रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत निर्माण होगा। इसकी योजना बनाई जाएगी।- डॉ. लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।