महेवा मंडी में महीने भर पहले पकड़ा गया था दो ट्रक रंगा लाल आलू
इस आलू की रिपोर्ट असुरक्षित आने के बाद इन्हें कराना है नष्ट
गोरखपुर। करीब एक महीना पहले महेवा मंडी में पकड़े गए दो ट्रक रंगे लाल आलू की वर्तमान स्थिति की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि आलू को नष्ट कराया जाएगा या उनका प्रयोग खेत की बुवाई में होगा।
बीते सितंबर में पकड़े गए आलू को चमकदार बनाने के लिए केमिकल लगाया गया था। इनके नमूने जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट में पाया गया कि आलू पर इस्तेमाल किया गया केमिकल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस आलू की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद नियमानुसार सारा आलू नष्ट कराया जाना है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन्हें नष्ट कराने से पहले वर्तमान स्थिति की जांच का निर्णय लिया है। इसके लिए फूड इंस्पेक्टरों की टीम बनाई गई है। टीम यह देखेगी कि ट्रकों पर लदा आलू खराब हो चुका है, क्या उनमें अब भी रासायनिक असर मौजूद है? क्या वे बीज के रूप में खेतों में उपयोग किए जा सकते हैं या मिट्टी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग तय करेगा कि इन ''''रंगे लाल आलू'''' का भविष्य क्या हो।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि नियमानुसार आलू को नष्ट कराना ही है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि अगर इनका उपयोग बुवाई में करा दिया जाए तो बेहतर होगा। इसीलिए कमेटी बनाकर यह पता कराया जाएगा कि आलू की वर्तमान स्थिति कैसी है और क्या इसका उपयोग खेती में करना सुरक्षित होगा।