जंगल कौड़िया। रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते ब्लॉक क्षेत्र के डोमिनगढ़-डोहरिया मार्ग पर डोमिनगढ़ सचिवालय के पास डेढ़ फीट चढ़ गया है। जिसके चलते मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इस मार्ग से 30 से अधिक गांव का संपर्क शहर से टूट गया। मार्ग बंद होने अथवा पानी भरा होने का किसी प्रकार का संकेतक भी नहीं लगा है।
डोमिनगढ़ के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान सुनील साहनी, डॉ. रामकेश और पवन कुमार ने बताया कि रोहिन नदी के उफनाने से पानी के टंकी के पास बने एक पुलिया से होकर नदी का पानी मार्ग पर बृहस्पतिवार की दोपहर ही चढ़ गया। दोपहर तक दो पहिया चालक किसी तरीके से आवागमन कर रहे थे लेकिन दोपहर बाद आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया। हालांकि कुछ लोग जान का जोखिम उठा कर भरे पानी से होकर जा रहे हैं, जो बीच रास्ते में ही गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। मामले में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता त्रिदेव ने बताया रोहिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो फीट ऊपर है, जिसके चलते पानी भरा है। तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने बताया कि रास्ते पर बाढ़ आने के संकेतक लगाए जाएंगे और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जब तक बाढ़ का पानी रहेगा तब तक इस रास्ते पर आवागमन बंद कर दिया जाएगा।
गोला में नदी का जलस्तर बढ़ा, कटान स्थिर
गोला। क्षेत्र में स्थित सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, अगर ऐसा ही रहा तो बिसरा में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सरयू नदी के जलस्तर में बीते कल से वृद्धि देखी गई है। बिसरा में स्थानीय लोगों के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है, लेकिन अभी रास्ते नहीं डूबे हैं। यदि इसी तरह से वृद्धि हुई तो मकान में पानी घुस जाएगा। इसके अलावा कस्बा के वार्ड संख्या 12 मल्लाह टोली में भी कटान स्थिति है। बाढ़ खंड के जिम्मेदार स्थिति पर नजर लगातार बनाए हुए हैं। बाढ़ खंड द्वितीय के एई नजीमुद्दीन हसन ने बताया कि गोला में कटान की स्थिति नहीं है। प्रभावित क्षेत्र का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और जहां जैसी आवश्यकता है, कार्य कराया जा रहा है। संवाद
रामकोला और चकदहा गांव के पास राप्ती से कटान तेज
कैंपियरगंज। क्षेत्र में राप्ती नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर नीचे बह रही है और बंधे के करीब पानी का जलस्तर पहुंच गया है। शुक्रवार तक नदी खतरे के निशान को पार कर जाने की संभावना जताई जा रही है।करमैनी-पनघटियां बंधे और राप्ती नदी के मध्य बसे रामकोला और चकदहा के पास राप्ती नदी से कटान शुरू हो गया।
चकदहा निवासी शिवदास यादव, सेमर भारती और संतोष ने बताया कि पिछले दो वर्षों से नदी कटान करते-करते घर के समीप आ गया है। अगर समय रहते कटान रोधी कार्य नहीं कराया गया तो चकदहा गांव के अस्तित्व पर खतरा बन सकता है। वहीं, रामकोला निवासी ग्राम प्रधान बैजनाथ साहनी, अनिल साहनी, तिरंगा साहनी, प्रहलाद ने बताया की नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। लोगों में कटान की चिंता बनी हुई है। बंधे के कटान की संभावना की डर से रात में नींद नहीं आ रही है।
इसी तरह रोहिन नदी मछलीगांव बंधा बरगदही के पास बंधे के किनारे से मिट्टी निकालने के कारण जलस्तर बढ़ने से बंधे पर पानी का दबाव बढ़ गया है। अधीशासी अभियंता आनंद गौतम और जेई पहुंच कर बंधे के बचाव के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। संवाद
बड़हलगंज क्षेत्र के 12 गांवों पर चौथी बार बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों में दहशत
रामजानकी मार्ग से ज्ञानकोल व डेरवा-बैरियाखास मार्ग पर चौथी बार बाढ़ का पानी
चिल्लूपार/बड़हलगंज। बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र में सरयू और राप्ती नदियों के जलस्तर में दो दिनों से तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। सरयू से ज्ञानकोल, बगहादेवार,जैतपुर में कटान हो रही है। 12 गांवों पर चौथी बार बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, रामजानकी मार्ग से ज्ञानकोल व डेरवा-बैरियाखास मार्ग पर चौथी बार बाढ़ का पानी चढ़ गया है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी राप्ती नदी पर बने कोठा-नवलपुर तटबंध और सरयू नदी तटवर्ती इलाकों में निगरानी तेज कर दिए हैं। दियारा के कोलखास, ज्ञानकोल, पटना, बगहादेवार,मुसाडोही,खैराटी, गोरखपुरा, कोटिया निरंजन, कोटिया दीपशाह, रामनगर, दिस्तवलिया, भयपुरा, नेतवार पट्टी, और राप्ती नदी से लखनौरा ,लखनौरी, सुबेदार नगर आदि गांवों में नदी के किनारे बसे लोग बाढ़ की आशंका से डरे हैं। बृहस्पतिवार को राप्ती और सरयू के संगम से डेरवा से बैरियाखास मार्ग पर पानी चढ़ गया है। लोग पानी के रास्ते आवागमन करने को मजबूर हो गए हैं।