स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस कार्य पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये
गोरखपुर। कार्यों की पारदर्शिता के लिए नगर निगम अत्याधुनिक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) बनाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर तैयार होने वाला यह डिजिटल सिस्टम निगम की सभी परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी करेगा।
नगर निगम में लंबे समय से परियोजनाओं में देरी, ओवरलैपिंग और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें मिलती रही हैं। नए सिस्टम से इन समस्याओं का समाधान तकनीक के जरिये किया जाएगा। पीएमएस की विशेषता यह होगी कि हर कार्य की सटीक लोकेशन अक्षांश और देशांतर के आधार पर दर्ज होगी। इससे एक ही काम को अलग-अलग नामों से दिखाने की प्रवृत्ति समाप्त हो जाएगी।
मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंताओं के कार्यालय में डिजिटल मॉनिटर लगाए जाएंगे। इन पर सभी प्रोजेक्ट की प्रगति, समय-सीमा और स्थिति एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। किसी भी कार्य में देरी या गड़बड़ी तुरंत चिह्नित कर सुधार की कार्रवाई की जा सकेगी।
पिछली योजना अधर में
यूनिक आईडी के जरिये सड़कों और नालों की मैपिंग का काम दो वर्ष पहले शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यह कार्य आरएसएसी लखनऊ के माध्यम से कराया जा रहा था लेकिन परियोजना अब तक अधर में है। नगर निगम का दावा था कि इससे प्रत्येक सड़क और नाले की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे निगरानी और कार्ययोजना बनाना आसान होगा।