एम्स दिल्ली, एजीपीजीआई लखनऊ और बीएचयू वाराणसी के कई प्रसिद्ध गैस्ट्रो विशेषज्ञ आएंगे सेमिनार में
गोरखपुर। खराब जीवनशैली, व्यस्त कार्यक्रम और अस्वास्थ्यकर आहार विकल्पों के कारण आजकल लोग एमएएफएलडी (मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज) जैसे लिवर रोगों से पीडिल हो रहे हैं। इन बीमारियों के बढ़ते कारण और इलाज के नए तौर तरीकों पर शहर के एक होटल में शनिवार और रविवार को चर्चा होगी। इस चर्चा में एम्स दिल्ली, एसजीपीजीआई लखनऊ और बीएचयू वाराणसी के विशेषज्ञ शामिल होंगे। सेमिनार का उदघाटन मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवासतव करेंगे।
आयोजन सचिव डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि गतिहीन जीवन शैली, जंक फूड और व्यस्त दिनचर्या के कारण दो दशक पहले तक लिवर के रोग यह उन मरीजों में होता था, जो शराब का सेवन करते थे या हेपेटाइटिस बी या सी से पीड़ित थे। लेकिन अब लिवर और हेपेटाइटिस बी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जो एक बड़ी चिंता का कारण है।
इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उत्तर प्रदेश चैप्टर के बैनर तले गोरखपुर सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, आईएसजी के साथ मिलकर 11 और 12 अक्तूबर को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी में नैदानिक परिप्रेक्ष्यः ज्ञान और अभ्यास को जोडना विषय पर यूपीआईएसजीसीओएन 2025 का आयोजन कर रही है।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार केजरीवाल बीएचयू के पूर्व छात्र हैं। आयोजन सचिव डॉ. पंकज कुमार एसजीपीजीआई लखनऊ के पूर्व छात्र हैं। सम्मेलन में फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम से डॉ. गौरदास चौधरी, एम्स नई दिल्ली से डॉ. अनूप सराया और डॉ. गोविंद मखारिया, बीएचयू वाराणसी से डॉ. दावेश यादव, डॉ. वीके दीक्षित, एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ से डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. प्रवीर राय, डॉ. समीर मोहिंद्रा और डॉ. पुनीत मेहरोत्रा, कानपुर मेडिकल कॉलेज से डॉ. वीके मिश्रा और डॉ. अरुण खंडूरी, प्रयागराज से डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. आलोक मिश्रा और डॉ. मनीषा द्विवेदी, मेरठ से डॉ. मलय शर्मा, पटना से डॉ. रमेश कुमार प्रतिभाग करेंगे।