हरियाणा-राजस्थान के बाॅर्डर से दिल्ली के रास्ते गोरखपुर आ रहा मिलावटी खोआ
गोरखपुर में 160 रुपये किलो थोक में बेच रहे, दिल्ली में इसकी कीमत 100 रुपये से भी कम
प्राइवेट बसों से आता है सामान, नौसड़ से जाकर ले आते हैं धंधेबाज
गोरखपुर। गोरक्षनगरी और आसपास के जिलों में मिठाइयों की बढ़ी मांग ने मिलावटी खोआ का धंधा करने वालों को मौका दे दिया है। कानपुर-वाराणसी के बाद राजस्थान की सीमा से सटे हरियाणा के मेवात में भी इस समय बड़े पैमाने पर घटिया गुणवत्ता वाला खोआ तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। यही मिलावटी खोआ दिल्ली होते हुए प्राइवेट बसों के जरिये गोरखपुर तक पहुंच रहा है।
बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह खोआ दिल्ली के बाजारों में 100 रुपये किलो से भी कम कीमत पर बिक रहा है, जबकि गोरखपुर में इसे थोक में 160 रुपये किलो तक में बेचा जा रहा है। इतना सस्ता खोआ बनने का कारण इसमें मिलाया जाने वाला सिंथेटिक दूध, वनस्पति घी और स्टार्च है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। धंधेबाज प्राइवेट बसों के माध्यम से माल भेजते हैं।
डिब्बे पर लिखा नाम ही कोड वर्ड है
मिलावटी खोआ का यह धंधा करने वालों ने भी अपना कोड वर्ड जनरेट कर लिया है। दिल्ली से गोरखपुर आए डिब्बे पर एक नाम लिखा होता है। हालांकि यह व्यापारी का असली नहीं बल्कि कोड वाला नाम होता है। ई-रिक्शा वाला डिब्बे पर लिखा नाम बताता है तो सामान उसे मिल जाता है। जब माल पकड़ा जाता है, तब उस नाम का व्यापारी मिलता ही नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बृहस्पतिवार को कोड वर्ड के रूप में लिखे एक नाम की तलाश में खोआ मंडी पहुंची थी लेकिन कुछ नहीं मिला।
कोट-
राजस्थान बार्डर से गोरखपुर तक खोआ की आपूर्ति चिंताजनक है। इतना सस्ता माल यहां तक भेज रहे हैं तो उसमें मिलावट की आशंका सबसे अधिक होगी। पकड़े गए माल का सैंपल जांच को भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही पता लगेगा कि खोआ में क्या-क्या हानिकारक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य