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Noida News: निष्क्रिय राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस

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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्धारित समयसीमा में पक्ष रखन के लिए कहा
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पंजीकरण तो करवाया, लेकिन छह साल से किसी भी चुनावी गतिविधि में भाग नहीं लिया

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निष्क्रिय राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन राजनीतिक दलों को भेजा गया है, जिन्होंने 2019 से अब तक लोकसभा, विधानसभा या उपचुनावों में अपने दल से किसी भी उम्मीदवार को चुनाव में खड़ा नहीं किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, इन दलों ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण तो करवा लिया था, लेकिन किसी भी चुनावी गतिविधि में भाग नहीं लिया। इससे यह पता चलता है कि यह दल अब अधिनियम के अनुसार कार्य नहीं कर रहे हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद-324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के अंतर्गत इन दलों को पंजीकृत दलों की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। सभी संबंधित राजनीतिक दलों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित समयसीमा में अपना पक्ष रखें और स्पष्ट करें कि क्यों उन्हें सूची से न हटाया जाए। यदि संबंधित राजनीतिक दलों का समय पर उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो यह मान लिया जाएगा की पार्टी के पास इस विषय में कहने के लिए कुछ नहीं है। आयोग उचित आदेश पारित करेगा जिसकी कोई और सूचना पार्टी को नहीं दी जाएगी।
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राजनीतिक दल यदि चाहें तो इस विषय में लिखित रूप में अपना पक्ष प्रस्तुत करें। यह प्रतिनिधित्व पार्टी के अध्यक्ष या महासचिव के शपथ-पत्र के साथ प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें वे सभी दस्तावेज़ संलग्न हों जिन पर पार्टी भरोसा करना चाहती है। यह समस्त विवरण अंतिम रूप से 18 जुलाई तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्राप्त हो जाना चाहिए।
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