जिले में 152 यूपी बोर्ड के स्कूल हैं। स्कूल की पढ़ाई छोडऩे वालों में सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियां हैं। वर्ष 2022-23 में 9वीं कक्षा में 11322 लड़कियां और 12वीं में 8496 लड़कियां पंजीकृत थी। यानी 9वीं से 12 तक 2826 सीटें कम हो जा रही हैं। इसके अलावा 2022 में 10 में 15 लड़कियों ने यूपी बोर्ड से घर बैठकर पढ़ाई की, जबकि 12वीं आते-आते यह आंकड़ा 210 तक पहुंच गया।
शौचालय भी बन रहे बड़ी वजह
एक शिक्षक ने बताया कि स्कूलों में शौचालय की बड़ी समस्या है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। शहरी क्षेत्रों में तो सरकारी स्कूल में निजी कंपनियां सीएसआर ( कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत स्कूलों में शौचालय और पानी की व्यवस्था बेहतर करने पर काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इन पर बहुत कम काम हो रहा है।
अब छात्राएं करियर को लेकर जागरूक हो गई हैं। इसलिए वो हाईस्कूल से ही वोकेशन कोर्स करने को प्राथमिकता देती हैं, ताकि नौकरी मिलने में आसानी हो सके। इसलिए यह बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि स्कूल प्रबंधकों की ओर से बच्चों की काउंसलिंग भी की जाती है, ताकि वो बीच में पढ़ाई न छोड़े। -डॉ धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षण