फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बेटियां अब प्रयोगों से सीखेंगी विज्ञान और गणित

विज्ञापन
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बेटियां अब प्रयोगों से सीखेंगी विज्ञान और गणित
विज्ञापन

विद्यालयों में शुरू होगा लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम, छात्राओं में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अब छात्राओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रयोग, गतिविधियों और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विज्ञान एवं गणित की शिक्षा दी जाएगी। शिक्षा विभाग की तरफ से सभी केजीबीवी में लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
छात्राओं को विज्ञान और गणित विषय की अधिक प्रयोगात्मक, रुचिकर और प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल विज्ञान और गणित शिक्षण में गुणात्मक परिवर्तन लाने के साथ छात्राओं में तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास विकसित करेगी। विशेष रूप से ग्रामीण, वंचित और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग की बालिकाओं को इससे आधुनिक और समान अवसरों वाली शिक्षा का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन



प्रत्येक केजीबीवी को कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए 43,250 रुपये की धनराशि स्थानीय स्तर पर जारी की जाएगी। इस राशि से विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के लिए आवश्यक टूल्स, प्रयोग सामग्री एवं कंज्यूमेबल्स की खरीद की जाएगी, ताकि छात्राएं विज्ञान और गणित के सिद्धांतों को प्रयोगों के माध्यम से आसानी से समझ सकें। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाएगा। इसके तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण से लेकर विद्यालय स्तर पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर भी बनाएगी। कार्यक्रम के जरिए छात्राओं में वैज्ञानिक सोच, तर्क क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन

वर्जन
लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को विज्ञान और गणित विषय की पढ़ाई प्रयोगात्मक तरीके से कराई जाएगी। इससे बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होगा। सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। -राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जेवर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें