फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एल्विश यादव की बढ़ीं मुश्किलें: गाजियाबाद कोर्ट ने थानाध्यक्ष को दिया FIR दर्ज का आदेश, जानें क्या है मामला

Fri, 24 Jan 2025 07:46 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

गाजियाबाद की कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ साजिश और धमकी के आरोप में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने गाजियाबाद के नंदग्राम थानाध्यक्ष को यह आदेश दिया है। धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली थी। 
 
विज्ञापन
यूट्यूबर एल्विश यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-3 गाजियाबाद की जज प्रतिभा ने यूट्यूबर एल्विश यादव और उनके गिरोह के खिलाफ धमकियों और साजिशों के आरोप में थानाध्यक्ष नंदग्राम को प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले सौरभ गुप्ता ने अपने प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि वह और उनके भाई गौरव गुप्ता नोएडा में चल रहे सांप के विष की तस्करी मामले में शिकायतकर्ता और मुख्य गवाह हैं। उन्होंने दावा किया कि एल्विश यादव और उनके गिरोह द्वारा उन्हें धमकाया जा रहा है और उनके घर और गाड़ियों की रेकी की जा रही है। गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने या झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची जा रही है।

गुप्ता का आरोप है कि एल्विश यादव और उनके समर्थक जो एल्विश आर्मी के नाम से सोशल मीडिया अकाउंट्स चलाते हैं उनके और उनके भाई के खिलाफ फर्जी खबरें और वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन पोस्ट के माध्यम से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। गुप्ता का कहना है कि इससे डरकर उन्होंने अपना फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया है।

विज्ञापन

रेकी और संदिग्ध गतिविधियों का आरोप
सौरभ गुप्ता ने 10 मई 2024 की घटना का हवाला देते हुए कहा कि एल्विश यादव और उनके साथी तीन-चार गाड़ियों में उनकी सोसायटी में घुसे और गाड़ियों की रेकी की। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि काली जैगुआर (एचआर 31 बी 0009) और काली फॉर्च्यूनर (एआरआर 0066) गाड़ियों से रेकी की गई थी। गुप्ता का आरोप है कि उनकी जान को गंभीर खतरा है और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की तरह उन पर हमला हो सकता है।

पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
सौरभ गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने 15 मई 2024 को पुलिस आयुक्त गाजियाबाद और थानाध्यक्ष, नंदग्राम को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें कोर्ट की मदद लेनी पड़ी। प्रकरण पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध दर्शित हो रहा है। न्यायालय ने थानाध्यक्ष नंदग्राम को आदेश दिया है कि गुप्ता के आरोपों की जांच कर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करें और 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
विज्ञापन

10 जनवरी को कोर्ट में पेश हुआ एल्विश
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस (एनडीपीएस) के मुकदमे में चार्ज शीट दाखिल होने के बाद आरोपी एल्विश यादव 10 जनवरी को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में पेश हुआ था। अदालत ने सुनवाई के लिए 6 फरवरी की अगली तारीख दी है। बता दे कि नोएडा पुलिस ने मामले में एल्विश यादव और उसके आठ सहयोगियों के खिलाफ पिछले साल चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने करीब 1200 के आरोप पत्र में नोएडा पुलिस की तरफ से बताया गया कि एल्विश का जेल भेजे गए सपेरों से संपर्क था। वहीं, एल्विश यादव के मामले मे ईडी भी जांच कर रही है। पूछताछ के लिए कई बार ईडी ने राजधानी लखनऊ बुलाया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें