रेकी और संदिग्ध गतिविधियों का आरोप
सौरभ गुप्ता ने 10 मई 2024 की घटना का हवाला देते हुए कहा कि एल्विश यादव और उनके साथी तीन-चार गाड़ियों में उनकी सोसायटी में घुसे और गाड़ियों की रेकी की। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि काली जैगुआर (एचआर 31 बी 0009) और काली फॉर्च्यूनर (एआरआर 0066) गाड़ियों से रेकी की गई थी। गुप्ता का आरोप है कि उनकी जान को गंभीर खतरा है और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की तरह उन पर हमला हो सकता है।
पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
सौरभ गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने 15 मई 2024 को पुलिस आयुक्त गाजियाबाद और थानाध्यक्ष, नंदग्राम को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें कोर्ट की मदद लेनी पड़ी। प्रकरण पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध दर्शित हो रहा है। न्यायालय ने थानाध्यक्ष नंदग्राम को आदेश दिया है कि गुप्ता के आरोपों की जांच कर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करें और 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
10 जनवरी को कोर्ट में पेश हुआ एल्विश
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस (एनडीपीएस) के मुकदमे में चार्ज शीट दाखिल होने के बाद आरोपी एल्विश यादव 10 जनवरी को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में पेश हुआ था। अदालत ने सुनवाई के लिए 6 फरवरी की अगली तारीख दी है। बता दे कि नोएडा पुलिस ने मामले में एल्विश यादव और उसके आठ सहयोगियों के खिलाफ पिछले साल चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने करीब 1200 के आरोप पत्र में नोएडा पुलिस की तरफ से बताया गया कि एल्विश का जेल भेजे गए सपेरों से संपर्क था। वहीं, एल्विश यादव के मामले मे ईडी भी जांच कर रही है। पूछताछ के लिए कई बार ईडी ने राजधानी लखनऊ बुलाया था।