तीन लोगों से 42.64 लाख की साइबर ठगी, ज्वेलरी के नाम पर 12 लाख भी हड़पे
- साइबर थाने में अलग अलग प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही मामले की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से नोएडा के तीन लोगों को निशाना बनाकर 42.64 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने अलग-अलग तरीके से एक महिला समेत तीन लोगों से जालसाजी की है। इन तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सेक्टर-128 निवासी एक शख्स ने पुलिस से शिकायत की है कि वह भंगेल में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं। दुकान पर 21 अक्तूबर 2024 को एक व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जगजीत सिंह लांबा बताते हुए कहा कि घर में शादी है और तत्काल आभूषणों की जरूरत है। उसने व्हाट्सऐप पर गहनों की तस्वीरें मंगवाईं। छह सोने की अंगूठियां, लेडीज चूड़ी और तीन सोने की चेन पसंद कर करीब 12 लाख रुपये का हिसाब बना। आरोपी ने बैंक खाते में 12 लाख रुपये भेजे जाने का भरोसा दिया। इसके बाद लोकेश वर्मा करीब 148.78 ग्राम के आभूषण लेकर एमिटी विश्वविद्यालय के गेट नंबर-4 पहुंचे। वहां उबर कार में बैठे एक युवक और महिला ने खुद को जगजीत सिंह लांबा और अमृता कौर बताया और आभूषण लेकर चले गए। बाद में बैंक से पता चला कि रकम शिवाय मोटर्स, देहरादून से आई थी। फर्म ने आभूषण खरीदने से इनकार किया। मामले में जगजीत सिंह लांबा, अमृता कौर और गौरव शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
दूसरे मामले में दादरी निवासी शख्स ने शिकायत में बताया कि उनके साथ 14.98 लाख रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हुई। एफआईआर में पीड़ित ने आरोप लगाया कि ठगी करने वालों ने ऑनलाइन धमकी और नुकसान का डर दिखाकर उनसे रकम दिलवाई।
तीसरे मामले में सेक्टर-20 निवासी महिला ने 15 लाख 66 हजार 390 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। ठगी करने वाले ने किसी दूसरे व्यक्ति के रूप में पहचान बनाकर उन्हें धोखा दिया। शिकायत में फर्जी दस्तावेज अथवा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। साइबर थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।