माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति लोकेश की जमानत अर्जी को खारिज कर दी। न्यायालय ने प्रथमदृष्टया यह पाया कि आरोपी अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध में संलिप्त प्रतीत होता है। मामला थाना जारचा से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिवानी की शादी 6 मार्च 2025 को थाना जारचा क्षेत्र निवासी लोकेश के साथ हुई थी। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी की शादी में नेक्सॉन कार, टीवीएस स्कूटी, पांच लाख रुपये नकद, 25 तोला सोना, डेढ़ किलोग्राम चांदी के जेवर और महंगे कपड़े सहित कुल करीब 50 लाख रुपये का दहेज दिया था। 31 जनवरी 2026 को युवती ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उसके पति लोकेश, ससुर गोपाल, सास सावित्री, जेठ उमेश और जेठानी पिंकी मकान और फ्लैट बनाने के लिए दहेज में और रुपये मांग रहे हैं।
एक फरवरी 2026 को दोपहर करीब डेढ़ बजे ससुर गोपाल ने फोन कर बताया कि शिवानी की तबीयत बहुत खराब है। उसे एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह गर्भवती है। जब शिकायतकर्ता अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। शिवानी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी गर्भवती बेटी शिवानी की हत्या दहेज के लिए की गई है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।