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Noida News: रौब इतना कि फर्जी आईपीएस बन गया, किस्मत ऐसी कि थाने पहुंच गया

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- फर्जी आईपीएस को लखनऊ में पुलिस ने किया गिरफ्तार, आरोपी नोएडा की कंपनी में करता है नौकरी
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नोएडा। वर्दी नहीं थी, लेकिन रौब पूरा आईपीएस वाला। नोएडा में तैनात अफसर बताकर पुलिसकर्मियों से लेकर आम लोगों तक पर धौंस जमाने वाला एक युवक आखिरकार लखनऊ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हैरानी की बात यह है कि असलियत में वह किसी पुलिस विभाग का अधिकारी नहीं, बल्कि एक निजी कंपनी का कर्मचारी निकला। आरोपी की पहचान लखनऊ के भरतपुर निवासी मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि वह नोएडा के सेक्टर-18 स्थित एक निजी कंपनी में अधिकारी के पद पर कार्यरत है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके ''फर्जी आईपीएस'' वाले खेल का शिकार अब तक कितने लोग बने।
पुलिसकर्मियों से कहा, सैल्यूट क्यों नहीं किया : पुलिस के अनुसार रविवार देर रात लखनऊ के गोल मार्केट चौराहे स्थित एक चाय की दुकान पर विवाद की सूचना मिली थी। सूचना पर महानगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि एक व्यक्ति चाय विक्रेता से भुगतान को लेकर बहस कर रहा है और उसे धमका रहा है। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी उनसे ही उलझ गया। पूछताछ के दौरान उसने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताया और पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाने लगा। उसने दारोगा से कहा कि उसे देखकर सैल्यूट क्यों नहीं किया और उनकी वर्दी व व्यवहार पर सवाल उठाने लगा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भी आरोपी पुलिसकर्मियों का नाम-पता पूछते हुए उन्हें निलंबित कराने की धमकी देता नजर आ रहा है।
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हावभाव से हुआ संदेह : हालांकि उसके हावभाव और बातचीत से पुलिसकर्मियों को संदेह हो गया। जब उससे पहचान पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध प्रमाण नहीं दिखा सका। इसके बाद की गई सख्त पूछताछ में उसका झूठ सामने आ गया। जांच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है, बल्कि मिथिलेश शुक्ला नामक व्यक्ति है। महानगर थाने के हल्का प्रभारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।


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