जिला उपभोक्ता आयोग
फ्लैट का इंटीरियर अधूरा छोड़ा, डिजाइन बदला... कंपनी को लौटाने होंगे 12.59 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट का इंटीरियर समय पर पूरा न करना और काम में घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करना इंटीरियर कंपनी को भारी पड़ गया। बिना अनुमति डिजाइन में बदलाव और बार-बार आश्वासन के बावजूद काम पूरा नहीं करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ग्राहक की पूरी रकम ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है।
नोएडा एक्सटेंशन निवासी आदित्य कुमार जेना ने अपने फ्लैट के इंटीरियर का काम ग्रिड इंटीरियर्स एंड आर्किटेक्ट को दिया था। 23 दिसंबर 2024 को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। काम के दायरे और लागत का विवरण भी कुटेशन के माध्यम से तय किया गया था। समझौते के बाद 13 नवंबर 2024 से 27 अप्रैल 2025 के बीच कंपनी को करीब 12.59 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बावजूद फ्लैट का काम पूरा नहीं किया गया।
काम पूरा कराने के लिए कई बार कंपनी से संपर्क किया गया। देरी होने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन का विलंब शुल्क देने की बात भी स्वीकार की गई। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। कार्य नहीं करने के बाद भी कंपनी ने भुगतान की गई रकम वापस देने से इंकार कर दिया। मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपना पक्ष नहीं रखा। मामले में एक पक्षीय सुनवाई की गई।
आयोग ने माना कि कंपनी ने रकम लेने के बावजूद तय कार्य पूरा नहीं किया। बार-बार किए गए आश्वासनों का भी पालन नहीं किया गया। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है वह शिकायत कर्ता को 12.59 लाख रुपये 30 दिन में वापस करें। दो हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे।