सुमित्रा अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने काटा हंगामा
नोएडा। सेक्टर-35 स्थित सुमित्रा अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पथरी का इलाज करने के लिए महिला को शुक्रवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह इलाज के दौरान हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई। महिला के मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा काटा। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया। बार-बार प्रयास करने के बाद भी अस्पताल पक्ष से संपर्क नहीं हो सका।
सेक्टर-58 स्थित बिशनपुरा गांव निवासी संतराम ने बताया कि फरीदाबाद के बादशाहपुर निवासी बहन लतेश (42) को पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर इलाज के लिए शनिवार सुबह आपरेशन थियेटर में ले गए, जहां ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई घंटे इस बात को परिजनों से छुपाये रखा। बाद में उन्हें हार्ट बीट रुकने के चलते मौत की जानकारी दी गई।
परिजनों ने महिला की मौत के लिए अस्पताल के डॉक्टर जिम्मेदार ठहराते हुए गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं घटना की खबर मिलते ही सेक्टर-24 प्रभारी रामफल और एसीपी- 2 रजनीश कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। लतेश के परिवार में पति के साथ तीन बच्चे हैं। महिला की मौत से सभी का रो रोकर बुरा हाल है।
शव रखकर किया हंगामा, पुलिस से हुई नोकझोंक
नाराज परिजनों ने शव को इमरजेंसी गेट के बाहर रखकर हंगामा काटा। इस दौरान परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे है कोतवाली प्रभारी रामफल के साथ उनकी नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी-2) रजनीश कुमार को हंगामा कर रहे लोगों को समझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। एसीपी की ओर से जांच के बाद कार्रवाई का भरोसे देने की बात पर परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। जहां तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी कर महिला का पोस्टमार्टम किया।
सीएमओ गठित करेंगे जांच कमेटी
एसीपी-2 के मुताबिक मामले में सीएमओ की ओर से इस संबंध में जांच कमेटी गठित की जाएगी। जो जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पुलिस को देगी। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अध्यक्ष एनके शर्मा ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान महिला की हार्टअटैक पड़ने से मौत होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच में अगर इसमें कोई डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो संगठन भी स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
वर्जन
परिजनों ने लापरवाही की शिकायत दी है। मेडिकल केस होने के चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ट्रांसफर किया गया है। सीएमओ की ओर से इस संबंध में जांच कमेटी गठित की जाएगी। जो जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पुलिस को देगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। - संकल्प शर्मा, पुलिस उपायुक्त, जोन-1