नोएडा एक्सप्रेसवे और एलिवेटेड रोड ही नहीं, बल्कि शहर के किसी भी मार्ग पर यातायात नियम तोड़ा तो चालान कटना तय होगा। इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत शहर के 84 चौराहों पर 1017 कैमरे लगाए जाएंगे जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे नोएडा प्राधिकरण ने 88.44 करोड़ रुपये की इस योजना को इस साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस के दखल के बाद आईटीएमएस योजना में बड़ा बदलाव किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण साल 2012 के सर्वे के आधार पर इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने की तैयारी में जुटा था। मुख्य कार्यपाल अधिकारी रितु माहेश्वरी ने पद संभालने के बाद इस योजना की समीक्षा की, जिसमें नोएडा ट्रैफिक पुलिस को भी शामिल किया गया। समीक्षा में पाया गया कि नोएडा की कई लोकेशन को योजना में शामिल नहीं किया गया, जबकि कई ऐसी भी लोकेशन मिलीं जहां अब एलिवेटेड रोड और अंडरपास बन चुके हैं।
पुरानी योजना में साधारण सीसीटीवी कैमरों से सिटी सर्विलांस और अपराध की रोकथाम के लिए निगरानी का प्रावधान था। ट्रैफिक पुलिस के दखल के बाद नई लोकेशन शामिल की जा सकीं हैं।
साथ ही, साधारण कैमरों की जगह रेड लाइट वायोलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉगनिशन (एएनपीआर) तकनीकी को शामिल किया गया है। शुक्रवार को प्राधिकरण की 198वीं बोर्ड बैठक से योजना को मंजूरी मिल चुकी है।