फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड से क्रेडिट कार्ड बनवाकर बैंकों से ठगी
ग्रेटर नोएडा। एसटीएफ नोएडा यूनिट व बिसरख कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लोगों का निजी डाटा चुराकर बैंकों को ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। आरोपी नौकरीपेशा लोगों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड तैयार करके बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाते थे, फिर लाखों रुपये निकलवा लेेते थे। मंगलवार रात गौड़ सिटी मॉल चौराहे के पास गिरोह सरगना सहित दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि गिरोह के चार ठग अभी फरार हैं।
सीओ एसटीएफ राजकुमार मिश्रा के अनुसार, नौकरीपेशा व्यक्तियों की जानकारी चुराकर फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड व वोटर आईडी कार्ड तैयार करके विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड बनवाकर ठगने वाले गिरोह के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में पता चला कि आरोपी दिल्ली-एनसीआर में फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हैं। मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के सरगना राजा सक्सेना और कौटिल्य शर्मा गौड़ सिटी मॉल चौराहे पर कार्ड बनवाने के लिए फर्जी कागजात किसी को देने के लिए आने वाले हैं। एसटीएफ और बिसरख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। कौटिल्य शर्मा मूलरूप से ग्राम मेड़ू जिला हाथरस और राजा सक्सेना अनूपगढ़ जनपद श्रीगंगानगर राजस्थान का रहने वाला है। दोनों फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौड़ सिटी-टू सोसायटी में रहते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एचडीएफसी बैंक में एक प्राइवेट वेंडर के लिए रिकवरी एजेंट के रूप में काम करते समय लोगों का निजी डाटा जुटा लिया था।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने 6 हजार बैंक उपभोक्ताओं का डाटा, आरोपियों के मोबाइल में से 25 हजार लोगों का निजी डाटा, 19 कंपनियों की सैलरी स्लिप, 29 फर्जी आधार कार्ड, 19 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 8 मोबाइल, डीएल, कार व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। काफी संख्या में आधार नंबर, पेन नंबर व मोबाइल नंबर भी मिले हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पीए को भी ठग चुके हैं
वर्ष 2013 में आरोपी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के पीए के नाम पर भी क्रेडिट कार्ड बनवाकर ठगी कर चुके हैं। इस मामले में आरोपी 18 महीने तक जेल में भी रहे थे। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलावा राजस्थान व छत्तीसगढ़ तक फैला है।