नोएडा। जिले में मंगलवार को 35 वर्षीय युवक में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। हालांकि, मरीज स्वस्थ है। कोविड की पुष्टि व लक्षण हल्के होने से होम आइसोलेशन में युवक का इलाज चल रहा था। 28 दिसंबर को दोबारा जांच में कोविड निगेटिव रिपोर्ट आई थी, लेकिन पहले भेजे गए जीनोम सीक्वेंसिंग के नमूने की रिपोर्ट के बाद ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है।
राज्य सरकार की ओर से जारी कोविड रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 165 नए कोविड मामलों की पुष्टि हुई है जो सात महीने का रिकॉर्ड है। इससे पहले 22 मई को एक दिन में 213 नए मामले सामने आए थे। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 597 हो चुकी है। सक्रिय मरीजों के मामले में जिला प्रदेश में नंबर एक पर है। 561 केसों के साथ गाजियाबाद नंबर दो पर है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-137 निवासी साहिल अरोड़ा गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। साहिल 16 दिसंबर को ऑफिस इवेंट में शामिल हुए थे। कुछ समय बाद बुखार हुआ तो उन्होंने कोरोना की जांच कराई।
21 दिसंबर को कोरोना की पुष्टि हो गई। लक्षण हल्के होने से साहिल का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा था। उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी हैं। 28 दिसंबर को मैक्स अस्पताल की रिपोर्ट में कोविड निगेटिव होने की पुष्टि हुई, लेकिन जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए नमूनों से पता चला कि उन्हें ओमिक्रॉन वैरिएंट ने चपेट में लिया है। साहिल की पत्नी की भी कोविड जांच कराई गई है, जो निगेटिव है। साहिल के संपर्क में आए सभी लोगों पर स्वास्थ्य विभाग नजर रख रहा है।
कई रिपोर्ट अभी अटकीं
जिले में कई जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट अभी अटकीं हैं। ऐसे में ओमिक्रॉन से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। जिले में विदेश से आए लोगों की संख्या 10 हजार से अधिक हो चुकी है। इसमें से करीब 2300 हाई रिस्क देशों से आए हैं। विभाग अब तक 80 फीसदी से अधिक लोगों को ट्रैक कर चुका है, लेकिन कई लोग पहुंच से दूर हैं। विदेश से आए लोग गलत नंबर देकर या नंबर बंद, पता बदलकर विभागीय अधिकारियों की पहुंच से दूर हैं।