स्वास्थ्य योजनाओं के बजट उपयोग में फिसड्डी गौतमबुद्ध नगर
- पूरे प्रदेश में 10 सबसे खराब वित्तीय प्रगति वाले जिलों में शामिल, एडी हेल्थ ने दिए ठीक कराने के निर्देश
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्वास्थ्य योजनाओं के लिए मिलने वाले बजट का उपयोग करने में गौतमबुद्ध नगर फिसड्डी साबित हुआ। सोमवार को अपर निदेशक (एडी) हेल्थ डॉ. राजेंद्र सिंह की समीक्षा बैठक में यह हकीकत सामने आई। एडी हेल्थ ने अधिकारियों को अब एक सप्ताह में इस स्थिति को ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।
नोएडा पहुंचे एडी हेल्थ ने सीएमओ कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा, पूरे प्रदेश में वित्तीय प्रगति के मामले में गौतमबुद्ध नगर सबसे खराब 10 जिलों में शामिल है। अधिकारी बजट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा समेत दूसरे अधिकारियों से भी इसे ठीक कराने के लिए कहा। उन्होने कहा, अगर पुरानी देनदारी भी है तो एक सप्ताह में निस्तारित करें। नए कामों में खर्च को सुनिश्चित कराएं। अधिकारियों ने बताया, चुनाव की वजह से देरी हुई है। पिछले महीने ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक से बजट अनुमोदन हुआ है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का भी एडी हेल्थ ने निरीक्षण किया। विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर आयोजित कार्यशाला में नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूकता कार्यक्रम कराने के लिए एडी हेल्थ ने कहा।बैठक में सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. ललित कुमार, डॉ. शुभ्रा मित्तल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. श्रुतिकीर्ति वर्मा, जिला परियोजना समन्वयक मंजीत कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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एडी हेल्थ पहुंचे तो कोरोना वारियर्स ने दिया धरना
एडी हेल्थ के सीएमओ कार्यालय आने की सूचना पर नौकरी से हटाए गए कोरोना वारियर्स भी जुट गए। बैठक के दौरान कॉन्फ्रेंस रूम के बाहर ही कर्मचारी धरने पर बैठ गए। कर्मचारी गया प्रसाद ने बताया कि 9 नर्स, 17 वार्ड बॉय, दो लैब तकनीशियन को नौकरी में समायोजित नहीं किया जा सका है। सीएमओ कुछ भी सुनना नहीं चाहते। डीएम से भी इसके लिए सोमवार को कर्मचारी मिले। एडी हेल्थ के सामने भी बैठक के बाद उन्होंने अपना पक्ष रखा।