जीबीयू के कुलपति प्रो राणा प्रताप सिंह ने बताया कि विदेशी छात्रों की संख्या कई साल से बढ़ रही है। उनके लिए यहां एक दर्जन से अधिक कोर्स चलाए जा रहे हैं। स्नातक और पीएचडी करने के लिए छात्र आते हैं। विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए सत्र से कई कोर्स शुरू होने वाले हैं। वहीं, शारदा विश्वविद्यालय के पीआर हेड डॉ अजीत कुमार ने बताया कि विदेशी छात्र इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्ट, मेडिकल सहित कई कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का खुलेगा कैंपस
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का भारत में पहला कैंपस ग्रेटर नोएडा में शुरू होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर के टॉवर-2 में तीन मंजिलें किराये पर लिया है। विश्वविद्यालय की योजना शैक्षिक सत्र 2027-28 के लिए इसी वर्ष के अंत तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की है, ताकि अगले वर्ष अप्रैल से नियमित कक्षाएं संचालित की जा सकें। यूपी राज्य निजी विश्वविद्यालय के नए अम्ब्रेला एक्ट में आईटीएस, केसीसी, जेबीएम, जीएनओआईटी और माधव मेनन विश्वविद्यालय बनाने के लिए आवेदन भी कर चुके हैं। एमिटी, शारदा, नोएडा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय, गलगोटिया विश्वविद्यालय, शिवनादर विश्वविद्यालय और बेनेट व मेट्रो विश्वविद्यालय मौजूद हैं। यदि इन आवेदनों को मंजूरी मिल जाती है तो जिले में 11 विश्वविद्यालय हो जाएंगे। यह उत्तर भारत का सबसे अधिक निजी विश्वविद्यालय वाला जिला होगा।
इन देशों के छात्र कर रहे पढ़ाई
विश्वविद्यालयों में वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड, वर्मा, भूटान, दक्षिण एशिया, यूएसए समेत कई देशों के छात्र यहां पढ़ाई करने के लिए आते हैं। कई देशों के छात्र बुद्ध स्टडीज में पढ़ाई कर रहे हैं। विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ने से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। यहां के क्लासरूम दुनिया भर के युवाओं की चहल-पहल से गुलजार होने लगे हैं।
शिक्षा का स्तर काफी अच्छा उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर काफी अच्छा है। यहां का माहौल हमें आगे बढ़ने में काफी मदद करता है। - विजया, छात्र, जीबीयू
जीबीयू में रिसर्च से लेकर अन्य विभागों में कराई जाने वाली पढ़ाई हमें आकर्षित करती हैं। कई दोस्त यहां से पढ़ाई करके निकले हैं। - वन्निता ज्योति, छात्र, जीबीयू