2030 तक भारत में 115 बीसीएम तक बढ़ सकती है गैस की मांग
- इंडिया एक्सपो मार्ट में गैस इंडिया-2024 एक्सपो अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन का आगाज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। भारत में गैस की मांग 2030 तक लगभग दोगुनी होकर 115 बीसीएम तक पहुंच सकती है। 2050 तक मांग 170 बीसीएम तक होने की उम्मीद है। यह बात भारतीय प्रदर्शनी सेवाओं के निदेशक स्वदेश कुमार ने बृहस्पतिवार को इंडिया एक्सपो मार्ट में गैस इंडिया-2024 एक्सपो अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर कही। प्रदर्शनी का उद्घाटन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के गैस कार्यकारी निदेशक संदीप जैन और स्वदेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में ऊर्जा की मांग बढ़ रही है। देश पहले से ही दुनिया में ऊर्जा का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत ने दुनिया में तेल के क्षेत्र में तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है। गैस क्षेत्र भारत के आठ प्रमुख उद्योगों में से एक है और हमारी अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र को बढ़ाने के लिए ही गैस इंडिया एक्सपो-2024 का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रदर्शनी में नवीनतम क्षेत्र-विशिष्ट उत्पादन तकनीकों, विनिर्माण प्रक्रिया, सेवाओं, विकास, प्रौद्योगिकियों और उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसका मकसद गैस ऊर्जा क्षेत्र में भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। यह आयोजन 6 जुलाई तक चलेगा। इसमें 150 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं। 7 हजार से अधिक आगंतुकों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। 16 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है।
भारत में प्राकृतिक गैस की खपत भी बढ़ेगी
स्वदेश कुमार ने बताया, भारत में प्राकृतिक गैस की खपत 12.2 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़कर 2030 तक 550 एमसीएमपीडी तक पहुंचने का अनुमान है।अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के अनुसार, भारत में प्राकृतिक गैस की खपत 25 बीसीएम तक बढ़ने की उम्मीद है, जो 2024 तक 9 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज करेगी। भारत के औद्योगिक गैस बाजार का अगले वर्षों में 2026 तक तेजी से विस्तार होने का अनुमान है।