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Noida News: युवाओं को गांजा सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा, चार करोड़ का गांजा बरामद

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- आंध्र प्रदेश से ट्रक में कीटनाशक के बीच छिपा कर लाया जा रहा था 800 किलो गांजा, तीन गिरफ्तार
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा से एनसीआर में गांजा लाकर युवाओं को सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस और क्राइम रिस्पांस टीम (सीआरटी) की टीम ने ट्रक में लदे कीटनाशक में छिपाकर लाए जा रहे आठ क्विंटल गांजा बरामद किया है। इसकी कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गिरोह के सरगना बिहार निवासी सुदामा चौधरी, आरा निवासी प्रवीण पासवान और नूहं निवासी अनिश को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने ट्रक और करीब 60 लाख रुपये कीमत की कीटनाशक भी बरामद कर ली है।

बृहस्पतिवार को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस व सीआरटी टीम ने चेकिंग के दौरान सेक्टर-62 गोल चक्कर से तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सियाज कार भी बरामद हुई है। गिरोह का सरगना सुदामा चौधरी पहले भी एक्सप्रेस वे थाने से जेल जा चुका है। वह दो महीने पहले ही वह जेल से छूटा था। पुलिस पूछताछ में पता चलाौ कि सुदामा हर बार अलग अलग तरीके से गांजा तस्करी करता है। इस बार वह कीटनाशक दवाइयां ले जाने वाले वाहनों के जरिये गांजा ला रहा था।
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नोएडा जोन के डीसीपी विद्यासागर मिश्र के मुताबिक आरोपी नशा बढ़ाने के लिए गांजे को कई माह तक सुखाते हैं। इसके पत्तों को सुखाकर बार-बार पलटा जाता है। साथ ही केमिकल मिलाकर पैक करते थे। बाजार में इसकी कीमत 40 हजार रुपये प्रति किलो है।



हर बार नया गिरोह बनाकर तस्करी

गिरोह का सरगना सुदामा कई वर्षों ने गांजे की तस्करी कर रहा है। पुलिस के बचने के लिए वह गिरोह में नए लोगों को शामिल करता था। जेल से छूटने के बाद वह नया गिरोह बनाता है। तस्कर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के रास्ते दिल्ली एनसीआर तक गांजे से भरे ट्रक को लाते थे। गांजे से भरी ट्रक के आगे कार चलती थी। जिस पर पुलिस लिखा होता था। कार सवार चेकिंग आदि की जानकारी ट्रक में बैठे लोगों को देते थे। कार सवारों से हरी झंडी मिलने के बाद ही ट्रक आगे बढ़ता था। आरोपी हमेशा व्हाट्सएप कॉल करते थे। ताकि फोन कॉल को ट्रैक नहीं किया जा सके। जैसे ही उन्हें पुलिस की जानकारी मिलती थी, वे मामा कहकर एक दूसरे को अलर्ट कर देते थे।
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पहले खनन अब गांजे की तस्करी

गिरोह का सरगना सुदामा पहले बिहार में खनन करता था। ग्रेजुएट तक पढ़ाई करने के बाद वह गांव में ही बालू निकालने का काम करने लगा। इसी दौरान उसकी दोस्ती खनन माफिया से हो गई। पुलिस की नजर में आने के बाद उसने गांजे की तस्करी शुरू कर दी। सुदामा के साथ गिरफ्तार अनीश ट्रक चालक है और प्रवीण सहचालक है।
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