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Greater Noida: थाईलैंड और दुबई में रहकर गिरोह को ऑपरेट कर रहा सरगना चंदन, ग्रेटर नोएडा ब्रांच का सरगना फरार

Mon, 16 Jun 2025 03:31 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा

सार

अंतरराष्ट्रीय गेमिंग एप सट्टा गिरोह का मुख्य सरगना देहरादून का चंदन है। वह दुबई में रहकर पूरे गिरोह को ऑपरेट करता है। उसके पास भारत में काम कर रही टीम के लैपटॉप और फोन के सारे एक्सेस और रिकॉर्ड हैं।
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प्रतिदिन करते थे 30 लाख रुपये की ठगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय गेमिंग एप सट्टा गिरोह का मुख्य सरगना देहरादून का चंदन है। वह दुबई में रहकर पूरे गिरोह को ऑपरेट करता है। उसके पास भारत में काम कर रही टीम के लैपटॉप और फोन के सारे एक्सेस और रिकॉर्ड हैं। वह बैकअप से आगे इसे ऑपरेट कर सकता है। गिरोह का ग्रेटर नोएडा ब्रांच का सरगना फरार आरोपी देहरादून का विशाल व गिरफ्तार आरोपी ध्रुव हैं। जो छह माह पहले ही थाईलैंड से ठगी का प्रशिक्षण लेकर आए थे। दोनों ने ही अन्य लोगों को ग्रेटर नोएडा पहुंचकर प्रशिक्षण दिया था। गिरोह में शामिल अन्य लोगों को सोशल मीडिया पर नौकरी का बहाना बनाकर ठगी के बारे में बताकर उनसे काम कराया जाता है। भीम छह माह से आरोपियों के संपर्क में था।

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एनसीआर में 20 जगह चल रहा ठगी का गिरोह
मामले में जांच कर रही एक टीम जब बिसरख स्थित राधा स्काई गार्डन के फ्लैट पर पहुंची तो फरार आरोपी विशाल को फ्लैट में लगे कैमरे के माध्यम से नॉटिफिकेशन आने पर इसकी जानकारी हो गई। वह पुलिस के सोसाइटी पहुंचने के दौरान चाय पीने के लिए गया था। इस कारण वह चार अन्य आरोपी के साथ मौके से फरार हो गया। गिरोह में शामिल एनसीआर में लगभग 20 टीमें ऐसी हैं, जो लोगों से ठगी का काम कर रही है। बिसरख में कई टीम के संचालित होने की जानकारी मिली है। एक टीम में चार से पांच सदस्य होते हैं। जिस एप से सट्टा खिलवाया जाता है। उसका लाइसेंस नहीं मिला है। गेमिंग एप में लूडो, कैंडी क्रश, कैरम, फुटबॉल, और कबड्डी आदि के नाम पर ठगी की जाती है।

प्रतिदिन करते थे 30 लाख रुपये की ठगी
ध्रुव, मुकीम, विशाल कुमार, सन्नी कुमार एप पर एड में अपने वाट्सएप नंबर चलाते थे। जिन भी लोगों को सट्टा खेलना होता है। वह उन नंबरों पर व्हाट्सएप कॉलिंग करते हैं। जिन्हें प्रति व्यक्ति को अलग-अलग आईडी प्रदान की जाती है। इसी आईडी के माध्यम से लोग सट्टा खेलते हैं। यह पूरा काम लैपटॉप व मोबाइल फोन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। आरोपी यहां से प्रतिदिन की बचत को उन्हीं के दिए खाते में ट्रांसफर करते है, जोकि तकरीबन 30 लाख रुपये होते हैं।

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