80 हजार करोड़ निवेश बचाने के लिए चला गैंगस्टर एक्ट का ‘दांव’
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुंदर भाटी, अनिल दुजाना और रणदीप भाटी गैंग के 127 बदमाशों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। एसटीएफ और पुलिस टीमों ने गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए उनके कमाई के स्रोतों की पड़ताल की। एसटीएफ और जिला पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि तीनों गैंग के गुर्गों ने अपने स्तर से छोटी-छोटी कंपनी नुमा इकाई तैयार कर ली हैं। यही ‘बैड कंपनियां’ अलग-अलग क्षेत्रों में उगाही कर सरगनाओं को पैसा पहुंचाती हैं। इनके निशाने पर नामीगिरामी कंपनियों के मोटे निवेशक होते हैं। डीएम बीएन सिंह ने बताया कि जिले में 80 हजार करोड़ का निवेश है। इसके साथ ही अभी और भी होना है। गौतमबुद्ध नगर को सूबे का निवेश विंडो माना जाता है। असुरक्षित माहौल में निवेश नहीं हो सकता है। सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की है। तीनों गैंग संगठित तरीके से नामी लोगों को धमकाकर रंगदारी और अवैध उगाही करते थे। निवेशक और आम जन में भय खत्म करने के लिए ही सुंदर भाटी गैंग के 54, रणदीप भाटी गैंग के 40 और अनिल दुजाना गैंग के 33 बदमाशों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है।
इस तरह से तैयार की ‘बैड कंपनी’
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि गैंग के सरगनाओं ने अपने गुर्गों को अलग-अलग क्षेत्र में अवैध धन उगाही के लिए लगाया था। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से उगाही, अनुचित तरीके से लाभ प्राप्त करना, सुपारी लेकर हत्या कराना और आतंक का माहौल बनाना, धमकी देकर ट्रांसपोर्ट, पानी, स्क्रैप, बिल्डिंग मैटेरियल आदि का ठेका लेना, टोल नाकों पर अवैध वसूली को अनुचित तरीके से प्राप्त करना, विवादित संपत्तियों में दखल देकर अनुचित लाभ लेना, पार्किंग का ठेका अपने लोगों को दिलवाना, लोगों को डरा-धमकाकर मुकदमा लिखवाने से रोकना व गवाहों को डराना, सरिये व स्क्रैप का अवैध व्यापार कर गैंग के लिए अनुचित धन एकत्र करना, होर्डिंग का ठेका दिलवाना और अन्य ठेकेदारों से अवैध वसूली करने के साथ ही जेल में बंदी रक्षकों से इनकी सांठगांठ रही। ऐसे सारे कामों में तीनों गैंग के गुर्गे लिप्त रहे। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सिपाही पर भी गैंगस्टर एक्ट
एसएसपी ने बताया कि सुंदर भाटी गैंग से यूपी पुलिस का सिपाही सतवीर सिंह भी जुड़ा हुआ है। उसका तबादला गौतमबुद्ध नगर से बलिया हो गया है। उस पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। काफी संख्या में आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं, जो फरार हैं, उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अब चल-अचल संपत्ति होगी जब्त
डीएम बीएन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि गैंगस्टर एक्ट की यह बड़ी कार्रवाई है। इसके तहत चल-अचल संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है और सजा भी कड़ी है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी और प्रशासन बदमाशों की संपत्ति की जब्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
सुंदर भाटी गैंग (54 सदस्य)
सुंदर भाटी, सिंहराज भाटी, अनिल भाटी, शेरू भाटी, ऋषिपाल, दिनेश, सहदेव भाटी, रोहित, सतवीर बंसल, सुमित भाटी, वीरेंद्र, प्रवीन कुमार पुत्र सत्यपाल, प्रवीन कुमार विधूडी, सोनू भाटी, प्रदीप उर्फ भोला, बालेश्वर, दीपक प्रधान, बृजेश कुमार, अरुण प्रधान, सतपाल, मंजीत भाटी, नीरज भाटी, कदीम, दिनेश, सुंदर यादव, मनोज भाटी, सुरेंद्र पंडित, कालू भाटी, रवि भाटी, संदीप नागर, विजय नागर, सोनू भाटी, मोहित, मुकेश मावी, अमर सिंह, नरेश तेवतिया, , अशोक वीरसिंहपुर, धर्मेंद्र कुमार नागर, सुरेंद्र सुलैला, योगेश कारतूस, अनिरुद्ध भारद्वाज, अंकित गुर्जर, अवनेश, निजाम मलिक, तरुण छोकर, मनोज कुमार, अतुल शर्मा, शाहरुख, सतीश यादव, पिंटू यादव, यतेंद्र चौधरी, मुकेश पंडित, विकास पंडित, आरक्षी 854 सतवीर सिंह यूपी पुलिस।
रणदीप भाटी गैंग (40 सदस्य)
रणदीप भाटी, अमित कसाना, कुलवीर भाटी, मोहित कसाना, पिंटू उर्फ प्रमोद, अमरेश, राहुल, योगेश डाबरा, सुंदर, मनीष, राजू डाढा, सतीश रवि, लीलू, संजय भाटी, भूपेंद्र भाटी, सोनू भाटी, भूपेंद्र कपासिया, भगत, राजेश तंवर, गुड्डू बनिया, तुषार भाटी, रोशन, अनिल, निंदर, बृजानंद नागर, जुगेंद्र, सुनील उर्फ रॉकी, बबली नागर, मनोज, अमन उर्फ माया, राकेश पांडे, राजेश जाटव, पवन शर्मा, उमेश शर्मा, बिट्टू, विकास, सिंहराज, निक्की, वीरेंद्र।
अनिल दुजाना गैंग (33 सदस्य)
अनिल नागर, शहजाद, आजाद बंसल चंद्रपाल प्रधान, रणपाल पहलवान, मनोज सरपंच,बलराम ठाकुर, अनुज, सुमित, बबलू, खिज्जू, मोहित राठी, सरजीत, रोबिन त्यागी, दिव्या सांगवान, बिल्लू दुजाना, संजय भाटी, वीरेंद्र, अनित, कृष्ण मूढी, करनैल गिरि, अरविंद उर्फ माया जाट, जितेंद्र, ज्ञानेंद्र ढाका, अंकित चौधरी, अमित शर्मा, राजे चौहान, राजे चौहान, बब्बल, पप्पू, विशाल रावत, अरूण शर्मा, रवि, राजू पंडित।