एसटीएफ नोएडा ने एसबीआई आदि के क्रेडिट कार्ड धारकों का निजी डाटा चोरी कर बेचने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को दिल्ली और सूरजपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 20 हजार का इनामी संगम विहार दिल्ली निवासी एसबीआई का पूर्व टीम लीडर नदीम अहमद, कालकाजी निवासी सिद्धार्थ देवनाथ और पंजाबी बाग निवासी पुनीत लाखा शामिल हैं।
आरोपियों से 7182 उपभोक्ताओं का डाटा बरामद किया गया है। चोरी के डाटा से 450 लोगों से ठगी की जा चुकी है। गिरोह के सरगना और एक महिला समेत छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के खिलाफ आगरा, लखनऊ आदि शहरों में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं।
एसटीएफ नोएडा के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एसबीआई कार्ड एंड पेमेंट लिमिटेड के प्रार्थना पत्र पर डीजीपी एसटीएफ ने जांच के निर्देश दिए थे। इस मामले में आगरा में केस दर्ज किया गया था। एसटीएफ ने 26 जनवरी को खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना मूलरूप से बिहार के भागलपुर निवासी सौरभ भारद्वाज, सिकंदराऊ के आस मोहम्मद, संगम विहार दिल्ली के लखन गुप्ता व शिवम को गिरफ्तार किया था।
आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा प्राप्त कर उन्हें अलग-अलग ढंग से ठगी का शिकार बना रहे थे। गिरोह के 25 हजार की इनामी उत्तम नगर दिल्ली निवासी शिल्पी और नांगलोई के सुलेमान को 8 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला था कि क्रेडिट कार्ड आदि बनाने वाले कर्मचारी डाटा चोरी कर उन्हें बेचते हैं। इस मामले की जांच में अब नदीम को दिल्ली स्थित उसके घर व सिद्धार्थ और पुनीत लाखा को सूरजपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को आगरा के खैरागढ़ थाने में ले जाया गया है।