एमसीडी सदन ने नए अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों के प्रस्ताव को दी मंजूरी
361.42 करोड़ रुपये आएगी लागत
5100 मीट्रिक टन क्षमता प्रतिदिन होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक कूड़ा निस्तारण को लेकर एमसीडी ने बड़ा निर्णय लिया है। सदन की बैठक में बृहस्पतिवार को 361.42 करोड़ रुपये की लागत से चार नए ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इन संयंत्रों की निस्तारण क्षमता 5100 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी।
एमसीडी के अनुसार, इन संयंत्रों की स्थापना छह महीनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इनके शुरू होने के बाद राजधानी की तीनों लैंडफिल साइटों भलस्वा, गाजीपुर और ओखला पर नया कचरा डालना बंद कर दिया जाएगा। एमसीडी का दावा है कि इस कदम से न केवल पर्यावरणीय खतरा घटेगा बल्कि मौजूदा लैंडफिल ढेरों को भी धीरे-धीरे कम किया जा सकेगा। दिल्ली हर दिन करीब 11,500 मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करती है। मौजूदा संयंत्रों की क्षमता इसके मुकाबले काफी कम है जिससे हर दिन हजारों टन कचरा सीधे डंपिंग साइटों पर पहुंचता है। नए संयंत्रों के निर्माण से शहर के अपशिष्ट प्रबंधन ढांचे को मजबूती मिलेगी और प्रसंस्करण की दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। नए संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इनमें कचरे को ऊर्जा, जैविक खाद और निर्माण कार्यों में उपयोगी सामग्री में बदलने की सुविधा होगी। साथ ही, इन संयंत्रों में धूल और दुर्गंध नियंत्रण के लिए आधुनिक फिल्टर व एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगेंगे।
महापौर राजा इकबाल सिंह ने इस प्रस्ताव को दिल्ली की स्वच्छता यात्रा का मील का पत्थर बताया। उनका कहना है कि कई वर्षों से राजधानी के निवासियों को लैंडफिल साइटों से उठने वाले धुएं, दुर्गंध और गैस रिसाव से परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में नए संयंत्रों की शुरुआत से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। बैठक में नागरिक सुविधाओं, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई लेकिन कचरा प्रबंधन का विषय एजेंडे में सबसे ऊपर रहा। एमसीडी का कहना है कि दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में सुधार उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एमसीडी का लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष के भीतर दिल्ली की सभी वार्डों में कूड़ा संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित हो। बैठक के दौरान राजधानी में लाल किले के पास हुए हालिया आतंकी हमले में मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि भी दी गई।