20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे बुजुर्ग समेत चार लोग
-ग्रेनो वेस्ट की एसकेए ग्रीन आर्क सोसाइटी के जिन्निया टावर की घटना
-आरोप है कि अलार्म और इंटरकॉम ने नहीं किया काम, फोन से ली मदद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की एसकेए ग्रीन आर्क सोसाइटी के जिन्निया टावर की लिफ्ट में बुजुर्ग समेत चार लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। घटना रविवार रात की है। आरोप है कि लिफ्ट में फंसे लोगों ने अलार्म बजाया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। इंटरकॉम पर फोन भी किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी रूम में फोन नहीं उठाया गया। बाद में फोन कर निवासी को सूचना देकर मदद मांगी। लिफ्ट में फंसने के बाद बुजुर्ग काफी घबरा गए। वहीं घटना के बाद से निवासियों में रोष है।
जिन्निया टावर निवासी पीड़ित बुजुर्ग विजय गोयल रविवार रात करीब आठ बजे लिफ्ट से 26वें फ्लोर पर जा रहे थे। भूतल से उनके साथ तीन अन्य निवासी भी लिफ्ट में सवार हुए, लेकिन चलने के साथ ही लिफ्ट झटके के साथ भूतल व प्रथम तल के बीच फंस गई। आरोप है कि लिफ्ट में फंसे लोगों ने काफी देर तक अलार्म बटन दबाया, लेकिन किसी तरह की मदद नहीं मिली। उसके बाद लिफ्ट के इंटरकॉम से टावर गार्ड और मुख्य गेट पर फ़ोन किया। आरोप है कि किसी ने भी फोन नहीं उठाया। मोबाइल में नेटवर्क आने के बाद पीड़ित विजय गोयल ने टावर निवासी प्रेम तिवारी को फोन कर मदद मांगी। उसके बाद निवासी मुख्य गेट पर पहुंचे और लिफ्ट फंसने की जानकारी दी। तब मेंटेनेंस टीम मौके पर पहुंची और निवासियों को बाहर निकाला। इस दौरान बुजुर्ग की तबीयत खराब हो गई।
मेले से छोले भटूरे लेकर जा रहे थे
सोसाइटी में रविवार को मेला लगा हुआ था। लिफ्ट में फंसने वाले दो लोग एक स्टॉल से छोले-भटूरे लेकर फ्लैट में जा रहे थे। ताकि बच्चे गरमा गर्म खा सकें, लेकिन 20 मिनट फंसने के कारण छोले भटूरे ठंडे हो गए।
जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
एसकेएस ग्रुप के मीडिया प्रभारी का कहना है कि रोप में डस्ट आने से लिफ्ट भूतल से चलने के बाद ही बंद हो गई थी। उसी दौरान सुरक्षाकर्मियों की शिफ्ट बदल रही थी। इसके कारण अलार्म बजने की जानकारी नहीं हो पाई। जानकारी होने पर करीब 10 मिनट बाद ही लोगों को सुरक्षित लिफ्ट से बाहर निकाल लिया गया था। फिलहाल मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। अगर किसी की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।