ग्रेनो में बसेंगे चार नए सेक्टर, उद्योगों को मिलेगी जमीन
ग्रेटर नोएडा। देश के सबसे बड़े डाटा सेंटर के लिए जमीन देने के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण चार और औद्योगिक सेक्टर बसाने जा रहा है। इनकी जमीन खरीदने व विकास कार्य कराने के लिए प्राधिकरण ने 1500 करोड़ रुपये कर्ज लिया है। इन सेक्टरों में अरबों रुपये निवेश होगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
बीते 10-12 वर्षों में प्राधिकरण ने किसानों से उद्योग लगाने के नाम पर अर्जेंसी क्लॉज लगाकर जमीन तो खरीदी, लेकिन उसे बिल्डरों को आवंटित कर दिया। उद्योगों के लिए बहुत कम जमीन छोड़ी। आर्थिक तंगी से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों से जमीन खरीद भी नहीं सका। बची हुई जमीन उद्योगों को आवंटित कर दी। अब जमीन नहीं बची है, जबकि नोएडा एयरपोर्ट व कई अन्य कारणों से इस एरिया में औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। कई उद्यमी प्राधिकरण से जमीन मांग रहे हैं। इसे पूरा करने के लिए प्राधिकरण ने चार नए औद्योगिक सेक्टर बसाने का निर्णय लिया है। ये सेक्टर ईकोटेक 17, 18, 19 व 20 हैं। इन सेक्टरों के लिए किसानों से करीब 900 एकड़ जमीन ली जानी है। उनको मुआवजा बांटने के लिए प्राधिकरण ने दो बैंकों से 1500 करोड़ रुपये कर्ज लिया है। इसमें 900 करोड़ रुपये जमीन खरीदने व विकास करने में खर्च होंगे। बाकी 600 करोड़ रुपये से कुछ जरूरी कर्ज उतारेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि 2021 में इन चार सेक्टरों की जमीन लेकर विकसित कर दिए जाएं, ताकि आवंटन हो सके।
लंबे अर्से बाद जमीन का अधिग्रहण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति ठीक न होने से जमीन खरीदने पर रोक लगी थी। उद्योगों को जमीन देने के लिए यह रोक अब हटा ली गई है। चार नए औद्योगिक सेक्टरों के लिए अब 900 एकड़ जमीन खरीदी जा रही है। बीते दो वर्षों में किसानों की जमीन अधिगृहीत नहीं की गई है।
कर्ज उतारने के लिए लिया कर्ज
प्राधिकरण पर मौजूदा समय में करीब 5500 करोड़ रुपये का कर्ज है। ज्यादातर रकम पर ब्याज दर 6.9 सालाना के आसपास है, लेकिन करीब 600 करोड़ रुपये लोन ऐसा है, जिस पर करीब आठ फीसदी सालाना ब्याज लगता है। प्राधिकरण ने तय किया है कि 6.9 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज लेकर महंगे लोन को चुका दिया जाए। 1500 करोड़ रुपये में से 600 करोड़ रुपये कर्ज निपटाने में खर्च होंगे।
ये हैं बसे हुए सेक्टर
ग्रेटर नोएडा में करीब 3500 उद्योग चल रहे हैं। प्राधिकरण अब तक ईकोटेक वन, ईकोटेक वन एक्सटेंशन वन, ईकोटेक छह, उद्योग विहार, उद्योग विहार एक्सटेंशन, ईकोटेक थ्री, उद्योग केंद्र एक व दो, टॉय सिटी, महिला उद्यमी पार्क, जीटी रोड इंडस्ट्रियल एरिया, ईकोटेक 7, 12 व 16 आदि बस चुके हैं। ईकोटेक आठ व 10 में आवंटन चल रहा है। अब चार और नए सेक्टर जुड़ जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक निवेश के प्रति उद्यमियों का रुझान बढ़ा है। कई बड़े उद्यमी जमीन खरीदकर उद्योग लगाना चाह रहे हैं। चार नए सेक्टर बसने से उनकी मांग पूरी की जा सकेगी। इससे रोजगार के काफी अवसर भी मिलेंगे। - नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण