नोएडा। सेक्टर-63 में ऑनलाइन ग्रॉसरी शॉप के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का दूरसंचार विभाग की सूचना पर फेज-3 पुलिस और एटीएस ने खुलासा किया है। सेक्टर-63 में चल रहे इस कॉल सेंटर से इंटरनेशनल वॉइस कॉल को निजी सर्वर से जोड़कर भारतीय ग्राहकों को कॉल कराई जा रही थी। इससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। कॉल सेंटर के निदेशक कश्मीरी युवक को गिरफ्तार किया गया है। जबकि यहां काम कर रहीं चार लड़कियों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है।
कोतवाली फेज-3 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार दीखित के अनुसार, पुलिस को दूरसंचार विभाग की तरफ से सूचना मिली थी कि सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में कॉल सेंटर का संचालन हो रहा है। यहां इंटरनेट से प्राप्त इंटरनेशनल कॉल को निजी सर्वर के जरिये फोन कॉल में बदलकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। पुलिस और एटीएस नोएडा की टीम ने मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई की। टीम एच ब्लॉक स्थित बीएसआई पार्क पहुंची।
यहां प्रथम मंजिल पर बेस्ट स्टार बीके इंटरप्राइजेज लिमिटेड नाम के कॉल सेंटर का संचालन हो रहा था। यहां से जम्मू-कश्मीर के लोगों को ग्रॉसरी सामान बेचने का विज्ञापन दिया जा रहा था। जांच की गई तो पता चला कि ग्रॉसरी सामान बेचने की आड़ में फर्जी कॉल सेंटर में एक निजी सर्वर लगा रखा है। इससे इंटरनेट से प्राप्त इंटरनेशनल कॉल को लैंड कराकर भारत में कॉलिंग कराई जा रही थी। इससे भारत सरकार को भारी राजस्व की हानि हो रही थी। कॉल सेंटर का संचालन बारामूला निवासी करम इलाही और सोपोर निवासी बासित फारुख डार कर रहे थे। कॉल सेंटर में बासित और करम इलाही की पत्नी आशिया अफ जल लोन निदेशक हैं। पुलिस ने मौके से करम को गिरफ्तार कर लिया।
एक महीना से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस के मुताबिक, फर्जी कॉल सेंटर को खोलने के लिए बिल्डिंग मालिक के साथ 30 दिसंबर को रेंट एग्रीमेंट किया गया था। 4 जनवरी से यहां काम शुरू हो गया। दिखावे के लिए इन लोगों ने ग्रॉसरी कॉलिंग के लिए चार लड़कियों को काम पर रख रखा था। जिन्हें यह बताया गया था कि उन्हें जम्मू कश्मीर के लोगों से संपर्क कर ग्रॉसरी शॉप के बारे में बताना है। फरवरी के अंतिम सप्ताह से जब कस्टमर लॉगिन करें तो उन्हें समय रहते ही ग्रॉसरी की सप्लाई की जाएगी। इसकी आड़ में करम और बासित सर्वर से वॉइस कॉल भारतीय नंबर पर ट्रांसफर करते थे।
लॉकडाउन में हुआ नुकसान तो पहुंचा नोएडा
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि बासित और करम जल्द ही नोएडा और एनसीआर में कई अन्य फर्जी कॉल सेंटर खोलना चाह रहे थे। इसकी तैयारी भी चल रही थी। शुरुआत के दिनों में एक कॉल सेंटर से प्रति महीने 20 से 25 लाख रुपये कमाने की योजना थी। करम नोएडा शिफ्ट होने से पहले बारामूला में दवाई का काम करता था। लॉकडाउन में नुकसान होने के बाद उसने नोएडा रुख किया।
दूरसंचार विभाग की सूचना पर सेक्टर-63 में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया गया है। यहां सर्वर से अंतरराष्ट्रीय वॉइस कॉल को भारतीय नंबर पर ट्रांसफ र किया जा रहा था। इससे भारत सरकार को राजस्व का काफ ी नुकसान हो रहा था। - हरीश चंदर, डीसीपी नोएडा सेंट्रल