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घने कोहरे ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

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अलाव का लिया सहारा - फोटो : ????
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नूंह। हाड़ कंपा देने वाली ठंड से जहां पूरा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र जूझ रहा है वहीं सोमवार सुबह जिले के नूंह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना व तावडू क्षेत्र में घने कोहरे की चादर ने सभी मार्गों पर वाहनों की रफ्तार कम कर दी। रविवार रात भर कोहरा छाया रहने के बाद सोमवार की सुबह भी घना कोहरा छाया रहा। कोहरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए हैं। भारी कोहरे के कारण लोगों को बाहर जाने में दिक्कतें हुईं। जिस कारण सड़कों पर बसों सहित अन्य वाहन रेंगते नजर आए। सुबह के समय पहले तो सामने दो मीटर दूर की चीजें भी नहीं दिख रहीं थीं। इसके चलते सुबह लोगों को वाहनों की हेड लाइट जलाकर चलना पड़ा। सड़कों पर कारें, बसें और स्कूल वाहन रेंग-रेंग कर चलते दिखाई दिए। इस दौरान तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट आने से मौसम में ठंड बहुत अधिक बढ़ गई है।
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कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा
कोहरे का प्रकोप बढ़ते ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जिले के तावडू और पुन्हाना में सड़क दुर्घटना के मामले भी सामने आए हैं। जहां तावडू में गांव चुंधिका मोड़ के पास ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई वहीं पुन्हाना में दावत में जा रहे 9 लोगों को पिकअप ने टक्कर मार दी। जिले में दुर्घटनाओं का मुख्य कारण सड़कों पर साइडों में सफेद पट्टी का नहीं होना है। सफेद पट्टी के अभाव में वाहन चालकों को रोड पर चलते समय काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस ओर अभी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
पांच बजे ही हुआ अंधेरा
सोमवार को शाम पांच बजे ही कोहरे का प्रभाव बढ़ गया जिससे जल्द ही अंधेरा छा गया। दूसरी ओर सर्दी के कारण पशु पक्षियों पर भी सर्दी का खतरा बढ़ गया है। कई पशुपालकों ने जल्द ही अपने पशुओं को भीतर स्थानों पर कर दिया।
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अलाव का लिया सहारा
लोग सर्दी से अपने को बचाने के लिए अलाव का सहारे लेते देखे गए। अधिक सर्दी के कारण दुपहिया वाहन चालकों की संख्या सड़कों पर बहुत कम देखी गई।
सर्दी में बरतें सावधानी
ठंड बढ़ी तो इस समय बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। विशेष कर बच्चों के लिए यह मौसम बेहद घातक हो सकता है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा डायरिया का भी खतरा रहता है। नूंह सीएचसी के एसएमओ डॉक्टर गोबिंद शरण ने बताया कि बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी ठंड से बचाव करना चाहिए। तभी जाकर स्वस्थ रह सकते हैं।
फसलों में हल्की सिंचाई की सलाह
कृषि विभाग के एसडीओ डॉक्टर अजीत सिंह ने बताया कि सर्दी बढ़ने से किसानों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वह अपनी फसलों की सिंचाई करते रहें। जिससे फसलों में कोई नुकसान नहीं होगा।
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