माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रुपये के लेन देने के मामले में गोली चलाकर जान से मारने का प्रयास करने पर यमुनानगर के सचिन कांबोज को अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा और 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वर्ष 2021 के मामले में साढ़े चार साल बाद अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील गर्ग की अदालत ने फैसला सुनाया है।
जिला न्यायवादी डाॅ. पंकज ने बताया कि इंद्री थाना में दी शिकायत में बढ़ेडी निवासी रूचिन कांबोज ने बताया था कि 3 मार्च, 2021 को दोस्त कैलाश निवासी खेड़ा के साथ उसके जानकार बुढ़नपुर खालसा के रिंकू ने अपने ड्राइवर यमुनानगर निवासी सचिन कांबोज व अन्य दो लड़कों के साथ मिलकर मारपीट की थी। क्योंकि कैलाश ने रिंकू के दोस्त सचिन के 16 हजार रुपये देने थे। वह समय पर रुपये नहीं दे पाया तो यह सारी बातें कैलाश ने उसे बताई थीं। करीब 5 बजे रिंकू का फोन आया कि कैलाश के साथ झगड़े के बारे में उनका फैसला करा दे। उसने कहा कि अपने दोस्त कृष्ण को लेकर मेरे गांव बुढनपुर खालसा में आ जा। वह कार में सवार होकर मौके पर चला गया।
वहां उसने रिंकू को कॉल किया तो रिंकू ने गलत शब्द कहकर उससे बात की और कहा कि आज तेरी कहानी खत्म है। वह डर गया और कार को वापस अपने घर की तरफ घुमा ली। रिंकू के ड्राइवर ने भी कार उनके पीछे दौड़ा दी और गोलियां चलाईं। उसकी कार का शीशा टूट गया। उन्होंने उसके गांव तक पीछा किया। इस शिकायत पर थाना इंद्री में मामला दर्ज गया था। अतिरिक्त सेशन जज डा. सुशील गर्ग ने सबूतों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई है।
फैसले के अनुसार, सचिन कांबोज को पांच साल के कारावास में तीन वर्ष का कठोर कारावास रहेगा। इसके अलावा जुर्माना अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी रहेगा।