मथुरा। साइबर ठगी कर लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाने वाले गैंग के सदस्यों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें जुटी हैं। गोसेवा ट्रस्ट के नाम पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 21 करोड़ की ठगी इस गैंग ने की थी। ठगी की धनराशि अलग-अलग खातों में भेजने के लिए कई हजार भुगतान किए गए। पुलिस इन खातों की भी कुंडली खंगाल रही है।
शिव गौरा गोसवा ट्रस्ट मथुरा के नाम से भारतीय स्टेट बैंक की कैंट शाखा में खाता खुलवाकर साइबर ठगों ने 21 करोड़ रुपये ठग लिए। आगरा, अलीगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु समेत देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ठगों ने लोगों के खाते खाली कर दिए। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर 141 शिकायतें आने के बाद मथुरा साइबर सेल ने जांच के बाद गौतम और बलदेव नाम के दो आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार जेल भेजा दिया है। अब पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इसके लिए पांच टीमें लगाई गईं हैं। ये टीमें गैंग के कनेक्शन तलाशने में जुटी हैं। इसमें मथुरा के साथ ही भोपाल के भी शातिरों के नाम सामने आए हैं।
सबसे पहले पुलिस उन खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की धनराशि स्थानांतरित की गई। तीन हजार से भी अधिक ट्रांजेक्शन के माध्यम से ठगों ने 20.93 करोड़ रुपये की धनराशि ट्रस्ट के नाम से संचालित खाते में दूसरे खातों में भेज दी। पुलिस बैंक से खातों की डिटेल लेकर खाताधारकों के बारे में पता कर रही है। ये खाते भी देश के अलग-अलग क्षेत्रों की बैंकों में संचालित हैं। इसके चलते पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। ठगी में शामिल गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में भी पुलिस की टीमें खाक छान रही हैं। जल्द ही पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में भोपाल जा सकती हैं।
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आरोपी का मंत्री से कनेक्शन भी चर्चा में
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों द्वारा रिफाइनरी थाना क्षेत्र की ओंकारेश्वर कॉलोनी निवासी अभिषेक चौधरी द्वारा खाता खुलवाने की जानकारी दी है। इसके बाद से ही पुलिस अभिषेक की तलाश कर रही है। इसी बीच अभिषेक का एक मंत्री से करीब रिश्ता होने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है।
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पुलिस ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही बैंक से जानकारी जुटाकर धनराशि भेजे जाने वाले खातों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
-अवनीश मिश्रा, एसपी क्राइम