संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजस्थान और छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि नियंत्रण विभाग अलर्ट पर है। विभाग की ओर से चार टीमें बनाई गई हैं, जो जिले के मेडिकल स्टोर सहित दवा निर्माताओं कंपनियों की यूनिट का निरीक्षण कर रही हैं। विभाग की ओर से जिले के पांच स्थानों से कफ सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक जिले के करीब 50 से ज्यादा मेडिकल स्टोर का विभाग की ओर से निरीक्षण किया जा चुका है।
औषधि नियंत्रक डॉ. बिंदु धीमान ने बताया कि विभाग ने जगाधरी व रादौर के मेडिकल स्टोर से विभिन्न कंपनियों के कफ सिरप के नमूने जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट 15 दिन में आएगी। विभाग की टीम मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण कर रही है। अभी तक निरीक्षण के दौरान किसी भी स्टोर पर दोनों प्रतिबंधित कफ सिरप का कोई स्टॉक नहीं मिला है।
इसके लिए सभी दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उनके पास प्रतिबंधित दवा का स्टॉक है तो वे तुरंत सूचित करें। परंतु अभी तक जिले में कहीं प्रतिबंधित सिरप होने की सूचना नहीं मिली है। इसके अलावा अन्य कंपनियों के कफ सिरप की भी जांच की जा रही है। मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध स्टॉक के बैच इत्यादि भी जांचे जा रहे हैं।
डॉ. बिंदू धीमान ने बताया कि विभाग इसे लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग से भी इसे लेकर चर्चा की जा रही है। चिकित्सकों को आदेश दिए गए हैं कि दो साल से बच्चे को किसी तरह का कफ सिरप न दिया जाए और न ही लिखा जाए। इस पर निगरानी की जा रही है। मेडिकल स्टोर संचालकों को भी हिदायत दी गई है कि वे अपने स्तर पर दवा नहीं देंगे।
केवल चिकित्सकों की लिखी पर्ची के अनुसार ही कफ सिरप देंगे। किसी भी व्यक्ति को बच्चों के लिए बिना चिकित्सकीय परामर्श पर्ची के कोई भी कफ सिरप नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग का यह निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।